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RAS प्रश्न

इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख (प्रयाग प्रशस्ति) की रचना किसने की?

सही उत्तर: (A) हरिषेण, समुद्रगुप्त के दरबारी कवि।

इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख, जिसे प्रयाग प्रशस्ति भी कहा जाता है, समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण ने संस्कृत में रचा था।

  1. (A)

    हरिषेण, समुद्रगुप्त के दरबारी कवि

  2. (B)

    बाणभट्ट, हर्ष के दरबारी कवि

  3. (C)

    कालिदास, चंद्रगुप्त द्वितीय के दरबारी कवि

  4. (D)

    रविकीर्ति, पुलकेशिन द्वितीय के दरबारी कवि

व्याख्या

प्रयाग प्रशस्ति और इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख एक ही अभिलेख के नाम हैं। NCERT के अनुसार गुप्त शासकों का इतिहास साहित्य, सिक्कों और शिलालेखों, खासकर राजाओं की प्रशंसा में रची गई प्रशस्तियों, से समझा जाता है। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख भी कहा जाता है, समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण ने संस्कृत में रची। यह समुद्रगुप्त की सैन्य विजयों का वर्णन करती है और गुप्त काल का सबसे महत्वपूर्ण शिलालेख मानी जाती है। इसलिए रचयिता के रूप में हरिषेण ही सही उत्तर है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) बाणभट्ट हर्ष के दरबारी कवि थे, जबकि समुद्रगुप्त से जुड़ी प्रयाग प्रशस्ति के रचयिता हरिषेण थे।
  • (C) कालिदास को चंद्रगुप्त द्वितीय से जोड़ा जाता है, पर प्रयाग प्रशस्ति/इलाहाबाद स्तंभ शिलालेख के रचयिता समुद्रगुप्त के दरबारी कवि हरिषेण थे।
  • (D) रविकीर्ति पुलकेशिन द्वितीय के दरबारी कवि थे, इसलिए वह समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति के रचयिता नहीं हो सकते।

अवधारणा

गुप्तकालीन शिलालेखों और प्रशस्तियों को ऐतिहासिक स्रोत के रूप में पढ़ने की समझ जरूरी है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि प्राचीन भारत के राजनीतिक इतिहास में शासक, स्रोत और रचयिता को सही मिलाना जरूरी होता है।

स्रोत

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