RAS प्रश्न
इलाहाबाद स्तम्भ लेख (प्रयाग प्रशस्ति) किस गुप्त शासक की प्रशंसा करता है?
सही उत्तर: (B) समुद्रगुप्त।
इलाहाबाद स्तम्भ लेख, जिसे प्रयाग प्रशस्ति भी कहा जाता है, गुप्त शासक समुद्रगुप्त की प्रशंसा करता है।
व्याख्या
इलाहाबाद स्तम्भ पर अशोक के लेखों के नीचे एक बाद का लेख है, जिसे प्रयाग प्रशस्ति कहा जाता है। यह 4वीं शताब्दी ईस्वी के गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त से सम्बद्ध है और समुद्रगुप्त की प्रशंसा करने वाली प्रशस्ति है। यह रचना कवि और मंत्री हरिषेण से जुड़ी है। समुद्रगुप्त का काल 335-375 ईस्वी माना जाता है। लेख में उनके शासन की राजनीतिक और सैन्य उपलब्धियाँ, दक्षिण की यात्राएँ और भारत भर की विजयों का वर्णन आता है। इसी विजय-छवि के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने समुद्रगुप्त को भारत का नेपोलियन कहा। इसलिए विकल्प B ही ठीक बैठता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) चन्द्रगुप्त II यहाँ सही नहीं है, क्योंकि उनकी प्रशंसा मेहरौली लौह स्तम्भ से जुड़ी मानी जाती है, जबकि इलाहाबाद स्तम्भ लेख समुद्रगुप्त की प्रशस्ति है।
- (C) चन्द्रगुप्त I को पहला महान गुप्त शासक बताया गया है, लेकिन प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त की प्रशंसा और उपलब्धियों पर केंद्रित है।
- (D) कुमारगुप्त I को नालंदा की स्थापना से जोड़ा गया है, पर इलाहाबाद स्तम्भ लेख में प्रशंसित गुप्त शासक समुद्रगुप्त है, कुमारगुप्त I नहीं।
अवधारणा
गुप्तकालीन अभिलेखों और प्रशस्ति-साहित्य से राजनीतिक इतिहास निकाला जाता है। RAS में शासक, अभिलेख और उपलब्धि का सही मिलान सीधे तथ्य और ऐतिहासिक स्रोतों की समझ माँगता है।
