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RAS प्रश्न

सितंबर 2025 में जोधपुर में उद्घाटित अक्षरधाम मंदिर किस स्थानीय पत्थर से बना है, और इसकी संरचना में कोई लोहा या स्टील नहीं है?

सही उत्तर: (C) छीतर (जोधपुर) पत्थर।

सितंबर 2025 में जोधपुर में उद्घाटित अक्षरधाम मंदिर छीतर यानी जोधपुर बलुआ पत्थर से बना है, और इसकी संरचना में लोहा या स्टील नहीं लगाया गया है।

  1. (A)

    मकराना संगमरमर

  2. (B)

    धौलपुर बलुआ पत्थर

  3. (C)

    छीतर (जोधपुर) पत्थर

  4. (D)

    जैसलमेर चूना पत्थर

व्याख्या

सही पहचान “स्थानीय पत्थर” और “बिना लोहा या स्टील” वाली निर्माण पद्धति से होती है। जोधपुर का अक्षरधाम मंदिर पूरी तरह छीतर पत्थर, यानी जोधपुर बलुआ पत्थर, से बनाया गया। AapnoJodhpur भी मंदिर में जोधपुर के प्रसिद्ध बलुआ पत्थर “छीतर पत्थर” के उपयोग और निर्माण में लोहे का उपयोग न होने की विशेषता को रेखांकित करता है। इसलिए विकल्प C सही बैठता है। मंदिर पारंपरिक फंसाकर जोड़ने की प्रणाली से बना, 500 शिल्पकारों ने 7 वर्षों में इसे तैयार किया, और यह भारत का तीसरा अक्षरधाम मंदिर है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) मकराना संगमरमर अलग पत्थर है, जबकि अक्षरधाम मंदिर जोधपुर के छीतर यानी जोधपुर बलुआ पत्थर से बना है।
  • (B) धौलपुर बलुआ पत्थर बलुआ पत्थर होने के बावजूद सही नहीं है, क्योंकि इस मंदिर के लिए छीतर यानी जोधपुर बलुआ पत्थर नाम से पहचाना जाता है।
  • (D) जैसलमेर चूना पत्थर सही नहीं है, क्योंकि मंदिर का निर्माण चूना पत्थर से नहीं, छीतर पत्थर से हुआ है।

अवधारणा

राजस्थान के कला-संस्कृति खंड में स्थानीय निर्माण-सामग्री और समकालीन धार्मिक स्थापत्य की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे स्थान, सामग्री और सांस्कृतिक स्मारक को एक साथ जोड़ते हैं।

स्रोत

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