RAS प्रश्न
'ऐपण' या 'मांडणा' कला किन मुख्य सामग्रियों से बनाई जाती है?
सही उत्तर: (C) सफेद चूना और लाल गेरू।
ऐपण या मांडणा कला में मुख्य रूप से सफेद चूना या खड़िया का घोल और लाल गेरू इस्तेमाल होता है।
व्याख्या
ऐपण या मांडणा में प्राकृतिक और पारंपरिक सामग्री काम आती है: सफेद चूना या खड़िया का घोल आकृतियों के लिए और लाल गेरू पृष्ठभूमि या रंग-भराव के लिए। यह अलंकरण दीवारों और फर्श पर बनाया जाता है और शुभ अवसरों पर दोहराया जाता है। मध्य प्रदेश टूरिज्म के अनुसार, मांडणा घरों की दीवारों और फर्श पर बनने वाली लोक-चित्रकला है; पहले सतह पर गोबर और पानी की मिट्टी का लेप किया जाता है, फिर सफेद खड़िया और लाल गेरू से सजावट की जाती है। यह कला कृत्रिम या कागजी रंगकर्म नहीं, बल्कि स्थानीय प्राकृतिक रंग-सामग्री पर आधारित है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कृत्रिम रंग परंपरागत मांडणा की मुख्य सामग्री नहीं हैं; इसमें प्राकृतिक सफेद घोल और लाल गेरू का प्रयोग होता है।
- (B) तैल रंग इस कला की मूल विधि से मेल नहीं खाते, क्योंकि मांडणा दीवार और फर्श पर चूना या खड़िया तथा गेरू से बनाया जाता है।
- (D) कागज पर जल रंग कहना गलत है, क्योंकि मांडणा घरों की दीवारों और फर्श पर बनने वाला अलंकरण है।
अवधारणा
राजस्थान कला-संस्कृति में लोक-अलंकरण और पारंपरिक चित्रकला की सामग्री पहचानना जरूरी है। RAS में स्थानीय कला-रूपों की विधि, अवसर और सामग्री से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न बनते हैं।
