RAS प्रश्न
आहड़ स्थल को स्थानीय रूप से किन नामों से जाना जाता है?
सही उत्तर: (B) ताम्बवती और धूलकोट।
आहड़ स्थल को स्थानीय रूप से ताम्बवती और धूलकोट नामों से जाना जाता है।
व्याख्या
आहड़ के लिए ताम्बवती नाम इसलिए जुड़ता है क्योंकि यह स्थल ताँबे की गतिविधियों और ताँबे की वस्तुओं से पहचाना जाता है; ताम्बवती नगरी आहड़ में ताँबा गलाने की गतिविधियों का संकेत देती है। धूलकोट नाम स्थल के पुरातात्विक टीले से जुड़ा है, क्योंकि आहड़ का प्राचीन टीला स्थानीय रूप से धूलकोट कहलाता है। एक नाम ताँबे से जुड़ी पहचान बताता है और दूसरा स्थल-रूप, यानी टीले, की स्थानीय पहचान बताता है। आहड़ भारत के ताम्रपाषाण काल के प्रमुख स्थलों में गिना जाता है, इसलिए ऐसे नाम RAS में सीधे तथ्य और सांस्कृतिक संदर्भ दोनों के रूप में पूछे जाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सोनार कोट और राजकोट आहड़ के स्थानीय नाम नहीं हैं।
- (C) विराटनगर और बैराठ अलग स्थलों से जुड़े नाम हैं, जबकि आहड़ के लिए समर्थित स्थानीय नाम ताम्बवती और धूलकोट हैं।
- (D) गनेश्वर और जोधपुरा अलग पुरास्थल हैं, इसलिए वे आहड़ स्थल के स्थानीय नाम नहीं हैं।
अवधारणा
राजस्थान के ताम्रपाषाण काल और आहड़ संस्कृति में स्थानीय नामों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि वे पुरास्थल, स्थानीय नाम और सांस्कृतिक विशेषता को एक साथ जोड़ते हैं।
