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RAS प्रश्न

आहड़ सभ्यता का काल लगभग कब निर्धारित किया गया है?

सही उत्तर: (D) 3000-1500 ई.पू.।

आहड़-बनास ताम्रपाषाण संस्कृति का काल लगभग 3000-1500 ई.पू. माना जाता है।

  1. (A)

    1500-500 ई.पू.

  2. (B)

    500 ई.पू.-300 ई.

  3. (C)

    5000-3000 ई.पू.

  4. (D)

    3000-1500 ई.पू.

व्याख्या

आहड़ सभ्यता के लिए सही काल 3000-1500 ई.पू. है। राजस्थान फाउंडेशन के उदयपुर जिला प्रोफाइल के अनुसार, बेरच नदी के आसपास फली-फूली ताम्रपाषाण आहड़-बनास संस्कृति 3000 ई.पू. से 1500 ई.पू. तक चली। 2300-1500 ई.पू. वाला मुख्य चरण भी इसी दायरे में आता है। इसलिए विकल्प D सबसे ठीक बैठता है। यह संस्कृति सिंधु घाटी सभ्यता की समकालीन मानी जाती है और दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के शुरुआती कृषि तथा धातु-उपयोग करने वाले समुदायों में गिनी जाती है। परीक्षा में यहां याद रखने वाली बात केवल नाम नहीं, बल्कि ताम्रपाषाण काल और उसका कालक्रम है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) 1500-500 ई.पू. बहुत बाद का दायरा है और इसे वैदिक काल से जोड़ना गलत है, जबकि आहड़-बनास का काल 3000-1500 ई.पू. माना जाता है।
  • (B) 500 ई.पू.-300 ई. का काल आहड़-बनास संस्कृति के 3000-1500 ई.पू. वाले कालक्रम के अंत से भी बहुत बाद में आता है।
  • (C) 5000-3000 ई.पू. बहुत आरंभिक दायरा है; आहड़-बनास संस्कृति की अवधि 3000 ई.पू. से शुरू मानी जाती है, 5000 ई.पू. से नहीं।

अवधारणा

राजस्थान इतिहास में ताम्रपाषाण संस्कृतियों का कालक्रम और प्रमुख स्थलों की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में आहड़-बनास बार-बार इसलिए आता है क्योंकि यह दक्षिण-पूर्वी राजस्थान की शुरुआती कृषि और धातु-उपयोग परंपरा से जुड़ा मूल विषय है।

स्रोत

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