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RAS प्रश्न

राजस्थान का प्रांत, परगना और ग्राम में प्रशासनिक विभाजन किस काल की विशेषता थी?

सही उत्तर: (D) मध्यकालीन राजपूत काल।

राजस्थान में प्रांत, परगना और ग्राम के आधार पर प्रशासनिक विभाजन मध्यकालीन राजपूत काल की विशेषता था।

  1. (A)

    प्राचीन काल

  2. (B)

    ब्रिटिश काल

  3. (C)

    मुगल काल

  4. (D)

    मध्यकालीन राजपूत काल

व्याख्या

मध्यकालीन राजपूत राज्यों में क्षेत्रीय प्रशासन को ऊपर से नीचे तक प्रांत, परगना और ग्राम के रूप में रखा गया था। प्रांत का प्रमुख हाकिम या फौजदार, परगना का अमील और गाँव का पटेल या पटवारी होता था। प्रांत का अर्थ प्रांत/प्रदेश, अमील का अर्थ राजस्व अधिकारी और पटवारी का अर्थ ग्राम लेखाकार था। यह केवल परगना शब्द की पहचान का मामला नहीं है, बल्कि पूरी प्रशासनिक शृंखला की पहचान है। यह पूरी रचना मध्यकालीन राजपूत शासन से मेल खाती है, इसलिए सही उत्तर D है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) प्राचीन काल सही नहीं है, क्योंकि प्रांत-परगना-ग्राम की यह पूरी प्रशासनिक शृंखला मध्यकालीन राजपूत राज्यों से जुड़ी थी।
  • (B) ब्रिटिश काल सही नहीं है, क्योंकि ब्रिटिश व्यवस्था में जिले की पद्धति प्रमुख थी, जबकि यहाँ प्रांत, परगना और ग्राम की राजपूतकालीन रचना लागू होती है।
  • (C) मुगल काल सही नहीं है, क्योंकि परगना शब्द मुगल व्यवस्था में मिलता है, पर पूरी प्रांत-परगना-ग्राम व्यवस्था राजपूत काल की थी।

अवधारणा

राजस्थान के मध्यकालीन प्रशासनिक ढाँचे, पदनामों और क्षेत्रीय इकाइयों की पहचान RAS के लिए महत्वपूर्ण है। राजपूत राज्यों की प्रशासनिक शब्दावली इतिहास और शासन-व्यवस्था दोनों से जुड़ती है, इसलिए ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं।

स्रोत

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