RAS प्रश्न
91वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने मंत्रिपरिषद में मंत्रियों की कुल संख्या को कितने तक सीमित किया?
सही उत्तर: (C) लोकसभा के कुल सदस्यों का 15%।
91वें संशोधन अधिनियम, 2003 के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं हो सकती।
व्याख्या
91वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने संविधान में अनुच्छेद 75(1A) जोड़ा। इस प्रावधान का सीधा नियम है कि केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों के 15% से ज्यादा नहीं हो सकती। इसलिए प्रश्न में दी गई सीमा 15% है, न कि 10%, 20% या 25%। इसी संशोधन से राज्यों के लिए भी अनुच्छेद 164(1A) के तहत समान प्रकार की सीमा रखी गई, यानी राज्य मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की संख्या राज्य विधानसभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक नहीं होगी। RAS में यह तथ्य इसलिए पूछा जाता है क्योंकि यह मंत्रिपरिषद की संरचना और संवैधानिक नियंत्रण से जुड़ा सीधा शासन-प्रशासन प्रावधान है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) 10% की सीमा अनुच्छेद 75(1A) में नहीं दी गई; वहां प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की अधिकतम संख्या लोकसभा के कुल सदस्यों के 15% तक रखी गई है।
- (B) 25% बहुत अधिक सीमा है और 91वें संशोधन से जोड़ा गया अनुच्छेद 75(1A) ऐसी छूट नहीं देता।
- (D) 20% भी संवैधानिक सीमा नहीं है, क्योंकि सही सीमा लोकसभा के कुल सदस्यों के 15% से अधिक न होने की है।
अवधारणा
यह प्रश्न संघीय कार्यपालिका में मंत्रिपरिषद की संरचना और 91वें संविधान संशोधन से जुड़े नियंत्रण को परखता है। RAS में यह बार-बार आता है क्योंकि इससे केंद्र और राज्यों, दोनों की मंत्रिपरिषद की संख्या-सीमा समझ में आती है।
