RAS प्रश्न
73वां संशोधन तीन-स्तरीय पंचायती राज प्रणाली का प्रावधान करता है। तीन स्तर हैं:
सही उत्तर: (B) ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत, जिला पंचायत।
73वें संशोधन के तहत पंचायती राज की तीन-स्तरीय व्यवस्था में गांव, मध्यवर्ती या ब्लॉक और जिला स्तर की पंचायतें होती हैं, जिन्हें आम तौर पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक पंचायत और जिला पंचायत कहा जाता है।
व्याख्या
73वें संशोधन ने पंचायतों से जुड़े प्रावधान संविधान के भाग IX में जोड़े। अनुच्छेद 243B के अनुसार हर राज्य में गांव, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतें गठित की जानी हैं। परीक्षा की भाषा में गांव के स्तर पर ग्राम पंचायत, मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत समिति या ब्लॉक पंचायत और जिला स्तर पर जिला परिषद या जिला पंचायत होती है। केवल मध्यवर्ती स्तर पर एक शर्त लागू होती है: अनुच्छेद 243B(2) के अनुसार जिस राज्य की जनसंख्या 20 लाख से अधिक न हो, वहां इस स्तर का गठन आवश्यक नहीं है। ग्रामीण पंचायती राज की यह तीन-स्तरीय व्यवस्था किसी राज्य-स्तरीय निकाय या शहरी नगरपालिका व्यवस्था से अलग है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) इस विकल्प में तहसील पंचायत और राज्य पंचायत शामिल हैं, जबकि अनुच्छेद 243B में केवल गांव, मध्यवर्ती और जिला स्तर दिए गए हैं; राज्य पंचायत इस व्यवस्था का कोई स्तर नहीं है।
- (C) नगर और शहर पंचायत शहरी निकायों की शब्दावली है, जबकि 73वें संशोधन के तहत पंचायती राज की व्यवस्था गांव, मध्यवर्ती और जिला स्तरों पर आधारित है।
- (D) वार्ड समितियां, नगरपालिका समितियां और नगर निगम शहरी स्थानीय निकाय हैं, इसलिए वे भाग IX के तहत ग्रामीण पंचायती राज की तीन-स्तरीय व्यवस्था नहीं बताते।
अवधारणा
यह प्रश्न संविधान के भाग IX के तहत पंचायती राज की संस्थागत व्यवस्था की समझ जांचता है। इसमें गांव से जिले तक के स्तर, उनकी शब्दावली और मध्यवर्ती स्तर का अपवाद शामिल हैं। राजस्थान की ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था को समझने के लिए ये RAS शासन-व्यवस्था के बुनियादी तथ्य हैं।
