RAS प्रश्न
73वां संशोधन पंचायतों की कुल सीटों में महिलाओं के आरक्षण का न्यूनतम कौन-सा अंश अनिवार्य करता है?
सही उत्तर: (C) एक-तिहाई।
अनुच्छेद 243D(3) के अनुसार हर पंचायत में प्रत्यक्ष चुनाव से भरी जाने वाली कुल सीटों का कम-से-कम एक-तिहाई भाग महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है।
व्याख्या
73वें संशोधन से जोड़ा गया अनुच्छेद 243D पंचायतों में सीट आरक्षण का आधार देता है। इसके खंड (3) में साफ व्यवस्था है कि हर पंचायत में प्रत्यक्ष चुनाव से भरी जाने वाली कुल सीटों में महिलाओं के लिए आरक्षण एक-तिहाई से कम नहीं होगा। यही कारण है कि सही उत्तर एक-तिहाई है। यह एक-तिहाई अलग से नहीं जोड़ा जाता; इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या भी शामिल मानी जाती है। इसी अनुच्छेद में सीटों को अलग-अलग निर्वाचन-क्षेत्रों में चक्रानुक्रम से आवंटित करने की बात भी है। राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे कई राज्यों ने इसे 50% तक बढ़ाया है, लेकिन संवैधानिक न्यूनतम अभी भी एक-तिहाई है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दो-तिहाई संवैधानिक न्यूनतम नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 243D(3) महिलाओं के लिए कुल सीटों का कम-से-कम एक-तिहाई आरक्षण बताता है।
- (B) एक-चौथाई कम है; प्रश्न 73वें संशोधन के अनिवार्य न्यूनतम आरक्षण पर है, जो एक-तिहाई से कम नहीं हो सकता।
- (D) आधा कुछ राज्यों में बढ़ाया गया स्तर हो सकता है, लेकिन अनुच्छेद 243D(3) का अखिल भारतीय संवैधानिक न्यूनतम एक-तिहाई है।
अवधारणा
यह प्रश्न पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण और स्थानीय स्वशासन की संवैधानिक व्यवस्था को परखता है। RAS में 73वां संशोधन बार-बार आता है क्योंकि इससे पंचायतों की संरचना, प्रतिनिधित्व और आरक्षण सीधे जुड़े हैं।
