RAS प्रश्न
65वां संशोधन अधिनियम, 1990 किससे संबंधित है?
सही उत्तर: (C) अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के राष्ट्रीय आयोग की स्थापना, जिसने अनुच्छेद 338 में विशेष अधिकारी वाली व्यवस्था की जगह ली।।
65वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1990 अनुच्छेद 338 में बदलाव करके अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए बहु-सदस्यीय राष्ट्रीय आयोग की स्थापना से संबंधित था।
व्याख्या
65वें संशोधन का मुख्य संस्थागत परिणाम अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए बहु-सदस्यीय राष्ट्रीय आयोग की स्थापना था। इस संशोधन ने अनुच्छेद 338 में संशोधन कर अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए विशेष अधिकारी की व्यवस्था को बहु-सदस्यीय राष्ट्रीय आयोग से बदला। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अनुसार, संविधान (65वां संशोधन) विधेयक, 1990 पारित होने के बाद सांविधिक राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग अस्तित्व में आया, और पहला आयोग 12.03.1992 को गठित हुआ। इसलिए 65वें संशोधन का संबंध आयोग की स्थापना से है, न कि ओबीसी आयोग, दल-बदल कानून या मतदान आयु से। बाद में 89वें संशोधन, 2003 ने इसी संयुक्त आयोग को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलग-अलग आयोगों में बाँट दिया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ओबीसी आयोग का निर्माण 65वें संशोधन की विषय-वस्तु नहीं है; यह संशोधन अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग से जुड़ा था।
- (B) दल-बदल विरोधी कानून यहाँ लागू नहीं होता, क्योंकि 65वां संशोधन अनुच्छेद 338 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना से संबंधित था।
- (D) मतदान आयु 18 वर्ष करना इस संशोधन का विषय नहीं है; 65वां संशोधन विशेष अधिकारी की जगह बहु-सदस्यीय आयोग लाने से जुड़ा था।
अवधारणा
संविधान संशोधनों और संवैधानिक/सांविधिक आयोगों की पहचान में संशोधन संख्या, अनुच्छेद और संस्था का सही संबंध याद रखना जरूरी है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि एक ही विकल्प-सूची में संशोधन संख्या, अनुच्छेद और संस्था को मिलाकर भ्रम पैदा किया जाता है।
