RAS प्रश्न
44वां संशोधन अधिनियम (1978) का मुख्य उद्देश्य था:
सही उत्तर: (D) 42वें संशोधन द्वारा किए गए अधिकांश परिवर्तनों को वापस लेना।
44वां संशोधन अधिनियम, 1978 मुख्य रूप से 42वें संशोधन से हुए अधिकांश बदलावों को पलटने और मौलिक अधिकारों व आपातकालीन प्रावधानों पर संवैधानिक सुरक्षा लौटाने के लिए लाया गया था।
व्याख्या
44वां संशोधन अधिनियम, 1978 प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई की जनता पार्टी सरकार के दौरान पारित हुआ और इसका मुख्य उद्देश्य 42वें संशोधन से बने असंतुलन को ठीक करना था। इसने न्यायिक समीक्षा को बहाल किया। जीवन और स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकार अस्थायी बहुमत से छीने जा सकने के अनुभव के बाद संवैधानिक सुरक्षा जरूरी हो गई थी। इसी कारण अनुच्छेद 352 में ‘आंतरिक अशांति’ की जगह ‘सशस्त्र विद्रोह’ रखा गया, ताकि आपातकाल की शर्त कठोर हो। संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार न रहकर कानूनी अधिकार बना और अनुच्छेद 300A जोड़ा गया। अनुच्छेद 359 में अनुच्छेद 20 और 21 को आपातकाल में भी निलंबन से बाहर रखा गया।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सरकारिया आयोग की सिफारिशें लागू करना सही नहीं है, क्योंकि यह आयोग 1983 में नियुक्त हुआ था, जबकि 44वां संशोधन अधिनियम 1978 का है।
- (B) GST प्रस्तुत करना 44वें संशोधन से जुड़ा नहीं है; GST 101वें संशोधन से आया।
- (C) पंचायती राज की स्थापना 44वें संशोधन का उद्देश्य नहीं थी; यह 73वें संशोधन से संबंधित है।
अवधारणा
संविधान संशोधन और आपातकालीन प्रावधानों की समझ RAS के लिए अहम है। RAS में 42वें और 44वें संशोधन बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि ये मौलिक अधिकार, न्यायिक समीक्षा और अनुच्छेद 352/359 जैसे मुख्य शासन-विषयों को सीधे छूते हैं।
