RAS प्रश्न
103वां संशोधन अधिनियम, 2019 किसके लिए प्रावधान करता है?
सही उत्तर: (D) आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में 10% आरक्षण।
103वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 ने शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान किया।
व्याख्या
103वें संशोधन ने संविधान में अनुच्छेद 15(6) और 16(6) जोड़े, जिनके आधार पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान हुआ। प्रेस सूचना ब्यूरो के अनुसार यह आरक्षण अनुच्छेद 15(4) और 16(4) के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को मिलने वाले आरक्षण से अलग है; इसलिए उसे उन प्रावधानों की 50% सीमा में नहीं मिलाया गया। यह लाभ उन आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए है जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण में शामिल नहीं हैं और जिनकी पारिवारिक आय 8 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है। जनहित अभियान बनाम भारत संघ (2022) में सर्वोच्च न्यायालय ने 3:2 बहुमत से इसकी वैधता बरकरार रखी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) निजी क्षेत्र में अनिवार्य अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण 103वें संशोधन का विषय नहीं है; अनुच्छेद 15(6) और 16(6) आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आरक्षण से जुड़े हैं।
- (B) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आरक्षण का 10 वर्ष का विस्तार इस संशोधन से नहीं निकलता, क्योंकि 103वें संशोधन का आधार आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए अलग 10% आरक्षण है।
- (C) संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण 103वें संशोधन का प्रावधान नहीं है; यह संशोधन शिक्षा और सार्वजनिक रोजगार में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के आरक्षण से जुड़ा है।
अवधारणा
संविधान में आरक्षण, समानता और संशोधन-प्रक्रिया सामाजिक न्याय के प्रमुख प्रावधानों से जुड़े हैं। RAS में सार्वजनिक रोजगार और शिक्षा में आरक्षण बार-बार आता है, क्योंकि ये विषय शासन-व्यवस्था के मूल मुद्दों से सीधे जुड़ते हैं।
