RAS प्रश्न
टेराकोटा ब्लू पॉटरी से इसलिए भिन्न है क्योंकि टेराकोटा में उपयोग होता है:
सही उत्तर: (C) उच्च तापमान पर पकाई गई मिट्टी।
टेराकोटा में प्राकृतिक मिट्टी को पकाकर वस्तु बनाई जाती है, जबकि जयपुर की ब्लू पॉटरी मिट्टी-आधारित नहीं होती।
व्याख्या
टेराकोटा और ब्लू पॉटरी का फर्क मुख्यतः सामग्री और पकाने की प्रकृति में है। टेराकोटा का अर्थ ही पकाई हुई मिट्टी से जुड़ा है: इसमें अपेक्षाकृत खुरदरी, छिद्रयुक्त मिट्टी को आग में पकाने पर ओखर से लाल रंग की वस्तु बनती है। इसलिए विकल्प C सही है। प्रश्न में मोलेला जैसी राजस्थान की टेराकोटा परंपरा का संकेत भी इसी मिट्टी-आधारित शिल्प की ओर है। इसके उलट ब्लू पॉटरी को खास बनाने वाली बात यह है कि उसमें मिट्टी नहीं, बल्कि क्वार्ट्ज, कांच और मुल्तानी मिट्टी जैसे घटक प्रमुख हैं। इसीलिए कांच का चूर्ण, बोरेक्स या क्वार्ट्ज पाउडर टेराकोटा की पहचान नहीं, ब्लू पॉटरी से जुड़े संकेत हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) कांच का चूर्ण ब्लू पॉटरी के घटकों में आता है, जबकि टेराकोटा की पहचान पकाई हुई प्राकृतिक मिट्टी से बनती है।
- (B) बोरेक्स को ब्लू पॉटरी के संदर्भ में रखा गया है; टेराकोटा को अलग करने वाला आधार मिट्टी का पकना है।
- (D) क्वार्ट्ज पाउडर ब्लू पॉटरी में प्रयुक्त सामग्री है, इसलिए यह टेराकोटा और ब्लू पॉटरी के बीच सही अंतर नहीं बताता।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की लोक एवं हस्तशिल्प परंपराओं में सामग्री-आधारित पहचान की समझ जांचता है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि नाम याद करने से अधिक शिल्प की तकनीक और स्थानीय विशेषता पहचाननी पड़ती है।
