RAS प्रश्न
तेजाजी के घोड़े का नाम था:
सही उत्तर: (D) लीलण।
तेजाजी की घोड़ी का नाम लीलण था।
व्याख्या
तेजाजी की लोकगाथा में उनकी घोड़ी लीलण का नाम अलग से जुड़ा हुआ है। तेजाजी के जीवन-प्रसंगों में पशु के रूप में लीलण घोड़ी जुड़ी है और लोककथा में तेजाजी के लीलण पर सवार होकर जाने का प्रसंग भी आता है। इसलिए तेजाजी के घोड़े या घोड़ी का सही नाम लीलण ही है। तेजाजी और उनकी वफादार घोड़ी लीलण की कथा तेजाजी की लोकगाथा के केंद्र में है। बाकी नाम तेजाजी से जुड़ी सही पहचान नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) जवली तेजाजी की घोड़ी के नाम के रूप में नहीं आती।
- (B) चेतक तेजाजी से जुड़ा सही उत्तर नहीं है, क्योंकि तेजाजी के साथ लीलण घोड़ी जुड़ी है।
- (C) कंथड़ तेजाजी की घोड़ी नहीं मानी जाती।
अवधारणा
राजस्थान के लोकदेवताओं और उनसे जुड़ी लोकगाथाओं में ऐसी तथ्यात्मक पहचान अहम रहती है। RAS में लोकदेवता, उनके प्रतीक और कथा-प्रसंग राजस्थान कला-संस्कृति के सीधे परीक्षा-बिंदु हैं।
