RAS प्रश्न
सूफी अवधारणा 'फना' का अर्थ है:
सही उत्तर: (D) ईश्वर में आत्म या अहंकार का विनाश (ईश्वर से मिलन)।
सूफी अवधारणा फना का अर्थ ईश्वर में आत्म या अहंकार का विनाश और ईश्वर से मिलन की अवस्था है।
व्याख्या
सूफी दर्शन में फना साधक के भीतर आत्म, नफ्स या अहंकार के मिटने को बताता है, ताकि वह ईश्वर के साथ रहस्यमय मिलन की ओर बढ़े। Britannica के अनुसार फना में स्वयं का पूर्ण निषेध और ईश्वर की अनुभूति शामिल है; सूफी सांसारिक इच्छाओं और मानवीय अपूर्णताओं से अलग होकर ईश्वर के प्रेम में अपने व्यक्तिगत अस्तित्व और इच्छा को मिटा देता है। इसलिए विकल्प D सही है। यह भौतिक मृत्यु नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अवस्था है। इसी क्रम में बका फना के बाद ईश्वर में स्थिरता को बताता है, जबकि समा आध्यात्मिक आनंद के लिए संगीत सुनने की प्रथा और खानकाह सूफी आश्रम है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) धन संचय सूफी फना के विपरीत सांसारिक लगाव से जुड़ा है, जबकि फना में आत्म और अहंकार का ईश्वर में विलय बताया गया है।
- (B) भौतिक मृत्यु शरीर की मृत्यु है, लेकिन फना में व्यक्तिगत इच्छा और अहंकार का आध्यात्मिक विनाश अर्थ में आता है।
- (C) राजनीतिक शक्ति सत्ता से जुड़ी धारणा है, जबकि फना सूफी साधना में ईश्वर से मिलन और सांसारिक अहंकार से मुक्ति की अवस्था है।
अवधारणा
यह प्रश्न मध्यकालीन भारत में सूफी विचारधारा की प्रमुख शब्दावली को परखता है। RAS में भक्ति-सूफी परंपरा बार-बार आती है क्योंकि शब्दों के अर्थ से धार्मिक-सांस्कृतिक आंदोलनों की मूल समझ जांची जाती है।
