RAS प्रश्न
सिरोही का मीरपुर जैन मंदिर किसके लिए प्रसिद्ध है?
सही उत्तर: (A) प्राचीन जैन मूर्तियाँ।
सिरोही का मीरपुर जैन मंदिर 9वीं शताब्दी के जैन पार्श्वनाथ मंदिर की प्राचीन जैन मूर्तिकला और स्थापत्य-कला के लिए प्रसिद्ध है।
व्याख्या
मीरपुर जैन मंदिर सिरोही की मध्ययुगीन जैन कला का महत्त्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। इसकी प्रसिद्धि का मुख्य कारण प्राचीन जैन मूर्तिकला और स्थापत्य है। राजस्थान फाउंडेशन के सिरोही दस्तावेज़ के अनुसार मीरपुर मंदिर राजस्थान के सबसे पुराने संगमरमर स्मारकों में गिना जाता है, 9वीं शताब्दी के राजपूत काल से जुड़ा है और भगवान पार्श्वनाथ, जैनों के 23वें तीर्थंकर, को समर्पित है। इसके नक्काशीदार स्तंभ और उत्कीर्ण परिक्रमा भी विशेष हैं। इसलिए यहाँ पहचान चित्रकारी, सोने के गुंबद या बावड़ी से नहीं, बल्कि प्राचीन जैन शिल्प और मंदिर-स्थापत्य से बनती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) चित्रकारी मीरपुर मंदिर की मुख्य पहचान नहीं है; उसकी पहचान नक्काशी, स्तंभों, परिक्रमा और जैन स्थापत्य से जुड़ी है।
- (C) सोने का गुंबद मीरपुर मंदिर की मान्य स्थापत्य-विशेषता नहीं है।
- (D) बावड़ी मंदिर की प्रसिद्धि का कारण नहीं है; मीरपुर मंदिर जैन पार्श्वनाथ मंदिर, संगमरमर स्मारक और नक्काशीदार स्थापत्य के रूप में पहचाना जाता है।
अवधारणा
RAS में राजस्थान की जैन मंदिर-कला और क्षेत्रीय स्थापत्य-परंपरा की पहचान परखी जाती है। ऐसे स्थल इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि एक ही तथ्य में स्थान, संप्रदाय, काल और कला-विशेषता जुड़ जाते हैं।
