RAS प्रश्न
शिलप्पदिकारम, एक संगम कालीन महाकाव्य, किसने लिखा?
सही उत्तर: (B) इलंगो अडिगल।
शिलप्पदिकारम संगम-कालीन तमिल महाकाव्य है, जिसकी रचना इलंगो अडिगल ने की थी।
व्याख्या
शिलप्पदिकारम का अर्थ पायल की कथा है और यह संगम-कालीन तमिल महाकाव्य है। NCERT की सांस्कृतिक सामग्री में तमिल साहित्य की संगम-कालीन परंपरा के प्रमुख बचे हुए ग्रंथों में शिलप्पदिकारम और मणिमेकलै आते हैं; ये क्रमशः इलंगो अडिगल और सत्तनार से जुड़े हैं। इसलिए शिलप्पदिकारम के लेखक इलंगो अडिगल ही माने जाते हैं। इलंगो अडिगल जैन राजकुमार-भिक्षु और चेर राजा चेरन सेंगुट्टुवन के भाई थे। इसी महाकाव्य में कण्णगी और कोवलन की कथा मिलती है, इसलिए लेखक, ग्रंथ और कथा-परंपरा तीनों संकेत एक ही उत्तर की ओर ले जाते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) तिरुवल्लुवर थिरु कुरल से जुड़े हैं, शिलप्पदिकारम से नहीं।
- (C) तोल्काप्पियर के नाम से तोलकाप्पियम नामक व्याकरण-ग्रंथ जुड़ा है, जबकि शिलप्पदिकारम के लेखक इलंगो अडिगल हैं।
- (D) सत्तनार मणिमेकलै के लेखक माने जाते हैं, इसलिए उन्हें शिलप्पदिकारम का लेखक मानना ग्रंथ-लेखक संबंध के अनुसार गलत है।
अवधारणा
प्राचीन भारतीय इतिहास में संगम साहित्य और तमिल ग्रंथ-लेखक संबंध की पहचान महत्वपूर्ण है। RAS में ऐसे विषय इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे साहित्यिक ग्रंथ, भाषा-परंपरा और सांस्कृतिक इतिहास को सीधे जोड़ते हैं।
