RAS प्रश्न
शिवाजी की छापामार युद्ध-रणनीति किन परिस्थितियों में सबसे अधिक कारगर थी?
सही उत्तर: (A) पश्चिमी घाट का पहाड़ी भूभाग।
शिवाजी की छापामार युद्ध-रणनीति पश्चिमी घाट, यानी सह्याद्रि, के पहाड़ी भूभाग में सबसे अधिक कारगर थी।
व्याख्या
शिवाजी की छापामार युद्ध-रणनीति, जिसे गनिमी कावा कहा जाता है, पश्चिमी घाट के पहाड़ी भूभाग के लिए स्वाभाविक रूप से उपयुक्त थी। UNESCO के Maratha Military Landscapes of India विवरण में सह्याद्रि को ऐसा क्षेत्र बताया गया है जहां पहाड़ अचानक उठते हैं, अलग-अलग पहाड़ी चोटियां, संकरी घाटियां और कम दर्रे हैं; इसी कारण इस पर्वत-श्रेणी का क्षेत्रीय नियंत्रण में विशेष रणनीतिक महत्व था। शिवाजी ने पहाड़ी किलों, भूभाग की समझ और तेज घुड़सवार सेना के सहारे बड़ी मुगल सेनाओं पर प्रभावी घात लगाए। इसलिए यह रणनीति खुले मैदान या समुद्र की नहीं, बल्कि पहाड़ी किला-जाल और स्थानीय भूगोल पर आधारित युद्ध-पद्धति थी।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) रेगिस्तानी युद्ध सह्याद्रि/पश्चिमी घाट के भूगोल से मेल नहीं खाता, क्योंकि शिवाजी की रणनीति पहाड़ी किलों, घाटियों और दर्रों से जुड़ी थी।
- (C) मैदानी युद्ध में बड़ी सेनाओं को खुली तैनाती का लाभ मिलता था, जबकि शिवाजी की छापामार पद्धति पहाड़ी भूभाग, किलों और अचानक घात पर निर्भर थी।
- (D) नौसैनिक शक्ति मराठा रणनीति का एक अलग हिस्सा थी, पर गनिमी कावा पहाड़ी किलों और पश्चिमी घाट के भूभाग से जुड़ी छापामार युद्ध-पद्धति है।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत में भूगोल और सैन्य रणनीति का संबंध शिवाजी की युद्ध-पद्धति में साफ दिखता है। RAS में शिवाजी, मराठा शक्ति और मुगल-विरोधी प्रतिरोध इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि इनमें किला-व्यवस्था, स्थानीय भूभाग और राजनीतिक विस्तार साथ-साथ समझने पड़ते हैं।
