RAS प्रश्न
SHG-बैंक लिंकेज कार्यक्रम किसके द्वारा शुरू किया गया:
सही उत्तर: (B) NABARD।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने स्व-सहायता समूह-बैंक संपर्क कार्यक्रम (SHG-BLP) की शुरुआत 1992 में की। इसके 1992-93 के पायलट में गरीब परिवारों के सदस्यों से बने स्व-सहायता समूहों को बचत और ऋण के लिए औपचारिक वित्तीय संस्थाओं से जोड़ा गया।
व्याख्या
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने स्व-सहायता समूह-बैंक संपर्क कार्यक्रम (SHG-BLP) 1992 में शुरू किया। यह मॉडल NABARD के अध्ययनों और क्रियात्मक शोध परियोजना से विकसित हुआ। 1992-93 में इसका पायलट शुरू हुआ, जिसके तहत गरीब परिवारों के सदस्यों से बने लगभग 500 स्व-सहायता समूहों (SHG) को औपचारिक वित्तीय संस्थाओं से जोड़ा गया। इसलिए सही उत्तर NABARD है, न कि कोई मंत्रालय या वाणिज्यिक बैंक। इस कार्यक्रम ने उन गरीब परिवारों तक कम लागत में वित्तीय सेवाएँ पहुँचाने का माध्यम बनाया, जो पहले इन सेवाओं से वंचित थे। इसके ज़रिए स्व-सहायता समूह, जिनमें अधिकांश महिलाओं के समूह हैं, बैंकों में बचत कर सकते हैं और उनसे ऋण ले सकते हैं। आगे चलकर यह मॉडल ग्राहक संख्या और पहुँच के आधार पर दुनिया का सबसे बड़ा सूक्ष्म वित्त कार्यक्रम बना और 17.75 करोड़ परिवारों तक पहुँचा।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) RBI बैंकिंग व्यवस्था का नियामक है, लेकिन उसने स्व-सहायता समूह-बैंक संपर्क कार्यक्रम (SHG-BLP) शुरू नहीं किया। यह मॉडल राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के शोध से विकसित हुआ और 1992-93 का पायलट NABARD ने शुरू किया।
- (C) भारतीय स्टेट बैंक (SBI) एक वाणिज्यिक बैंक है। ऐसे बैंक संपर्क कार्यक्रम में भागीदार हो सकते हैं, लेकिन किसी एक वाणिज्यिक बैंक ने कार्यक्रम शुरू नहीं किया। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने मॉडल विकसित किया और स्व-सहायता समूहों को औपचारिक वित्तीय संस्थाओं से जोड़ने वाला पायलट शुरू किया।
- (D) वित्त मंत्रालय ने यह कार्यक्रम शुरू नहीं किया। इसकी शुरुआत राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) के सूक्ष्म वित्त संबंधी शोध और 1992-93 के पायलट से हुई।
अवधारणा
यह प्रश्न भारतीय अर्थव्यवस्था के पाठ्यक्रम में वित्तीय समावेशन और ग्रामीण ऋण संस्थाओं की भूमिका परखता है। RAS में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD), स्व-सहायता समूह (SHG) और समूहों को बैंकों से जोड़ने की व्यवस्था से बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं, क्योंकि स्व-सहायता समूह-बैंक संपर्क कार्यक्रम (SHG-BLP) ग्रामीण भारत में संस्थागत ऋण, महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सूक्ष्म वित्त सेवाओं को जोड़ता है।
