RAS प्रश्न
शेर शाह सूरी ने ‘ग्रैंड ट्रंक रोड’ यानी ‘सड़क-ए-आज़म’ किन दो शहरों को जोड़ने के उद्देश्य से बनवाई थी?
सही उत्तर: (B) सोनारगाँव (बंगाल) से पेशावर।
शेर शाह सूरी ने ग्रैंड ट्रंक रोड यानी सड़क-ए-आज़म को बंगाल के सोनारगाँव से उत्तर-पश्चिम में पेशावर तक जोड़ने के लिए बनवाया।
व्याख्या
शेर शाह सूरी का शासनकाल 1540–1545 था और इसी दौर में सड़क-ए-आज़म को बंगाल के सोनारगाँव से उत्तर-पश्चिम में पेशावर तक लगभग 2,500 किमी लंबे मार्ग के रूप में बनाया गया माना जाता है। ई-ज्ञानकोश की यूनिट 24 के अनुसार मध्यकालीन भारत में परिवहन और संचार अर्थव्यवस्था के फैलाव के लिए जरूरी थे, और शेर शाह ने सोनारगाँव, दिल्ली और अटक के पास पेशावर को जोड़ने वाले संचार-मार्ग का पुनर्गठन किया। इसी कारण सड़क-ए-आज़म का संबद्ध विस्तार सोनारगाँव से पेशावर तक माना जाता है। यह मार्ग व्यापार, संचार और सैन्य आवागमन को आसान बनाने वाला था, इसलिए यह केवल किसी दो नजदीकी शहरों की सड़क नहीं, बल्कि पूर्व से उत्तर-पश्चिम तक फैला मुख्य मार्ग था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दिल्ली से आगरा इस बड़े मार्ग के भीतर आने वाला हिस्सा हो सकता है, लेकिन सड़क-ए-आज़म का पूरा विस्तार बंगाल के सोनारगाँव से पेशावर तक माना जाता है।
- (C) पटना से सूरत वाली जोड़ी सड़क-ए-आज़म की सीमा के रूप में नहीं आती; पूर्वी सिरा सोनारगाँव था।
- (D) लाहौर उत्तर-पश्चिमी मार्ग से जुड़ा नाम है, लेकिन मार्ग का सिरा पेशावर था और दूसरा सिरा सोनारगाँव था, काबुल नहीं।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत में परिवहन-संचार और शेर शाह सूरी के प्रशासनिक काम RAS के स्थायी विषय हैं। ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं, क्योंकि सड़कें व्यापार, शासन-संचार और सैन्य आवागमन से सीधे जुड़ती हैं।
