RAS प्रश्न
शेरशाह का चाँदी का सिक्का जो आधुनिक रुपये का आधार बना:
सही उत्तर: (B) रुपिया।
शेरशाह सूरी का चाँदी का रुपिया आधुनिक भारतीय रुपये का आधार बना।
व्याख्या
शेरशाह सूरी ने अपने छोटे शासनकाल में चाँदी का सिक्का जारी किया जिसे रुपिया कहा गया। इसका वजन 178 ग्रेन, यानी 11.60 ग्राम, था। RBI के स्रोत में भी यही बताया गया है कि यह चाँदी का रुपिया 178 ग्रेन का था और आधुनिक रुपये का पूर्वरूप बना। इसी कारण प्रश्न में पूछा गया “चाँदी का सिक्का” और “आधुनिक रुपये का आधार” सीधे रुपिया की ओर संकेत करते हैं। उसी व्यवस्था में सोने का मोहर और ताँबे का दाम भी चलाया गया, इसलिए धातु और नाम दोनों मिलाकर सही उत्तर रुपिया है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) दीनार सही नहीं है, क्योंकि इसे सोने का सिक्का बताया गया है, जबकि प्रश्न शेरशाह के चाँदी के सिक्के के बारे में है।
- (C) दाम सही नहीं है, क्योंकि शेरशाह ने दाम ताँबे के सिक्के के रूप में चलाया था, जबकि आधुनिक रुपये का आधार चाँदी का रुपिया बना।
- (D) टंका सही नहीं है, क्योंकि यह दिल्ली सल्तनत से जुड़ा सिक्का है; प्रश्न शेरशाह के उस चाँदी के सिक्के पर है जिसे रुपिया कहा गया।
अवधारणा
यह प्रश्न मध्यकालीन भारत की मौद्रिक व्यवस्था और शेरशाह सूरी के प्रशासनिक सुधारों की समझ जाँचता है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार इसलिए आते हैं क्योंकि सिक्के, धातु और प्रशासनिक नवाचारों से शासन-व्यवस्था की ठोस पहचान बनती है।
