RAS प्रश्न
RTI अधिनियम की धारा 24 किस श्रेणी के संगठनों को अधिनियम से छूट देती है?
सही उत्तर: (C) दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट खुफिया और सुरक्षा संगठन (लेकिन भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन संबंधी सूचना पर छूट लागू नहीं होती)।
सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 24 दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट केंद्र सरकार के खुफिया और सुरक्षा संगठनों तथा उनसे सरकार को दी गई सूचना को अधिनियम से छूट देती है, लेकिन भ्रष्टाचार और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ी सूचना इस छूट से बाहर रहती है।
व्याख्या
धारा 24 का दायरा सामान्य सरकारी विभागों या निजी संस्थाओं पर नहीं, बल्कि दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट खुफिया और सुरक्षा संगठनों पर है। अधिनियम में कहा गया है कि केंद्र सरकार द्वारा स्थापित ऐसे संगठनों और उनसे केंद्र सरकार को दी गई सूचना पर सूचना का अधिकार अधिनियम लागू नहीं होगा। इसी कारण सही उत्तर वही विकल्प है जो दूसरी अनुसूची वाले खुफिया और सुरक्षा संगठनों को बताता है। लेकिन यह छूट पूरी तरह निरपेक्ष नहीं है: भ्रष्टाचार के आरोपों और मानवाधिकार उल्लंघन से संबंधित सूचना इस उपधारा के तहत बाहर नहीं की जा सकती। मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़ी सूचना केंद्रीय सूचना आयोग की स्वीकृति के बाद दी जाती है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) केवल रक्षा संगठन कहना बहुत संकीर्ण है, क्योंकि धारा 24 दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट खुफिया और सुरक्षा संगठनों की बात करती है, केवल रक्षा संगठनों की नहीं।
- (B) सभी निजी संगठन इस प्रावधान का विषय नहीं हैं, क्योंकि धारा 24 केंद्र सरकार द्वारा स्थापित निर्दिष्ट खुफिया और सुरक्षा संगठनों पर लागू छूट बताती है।
- (D) सभी सरकारी विभाग छूट में नहीं आते, क्योंकि अधिनियम ने छूट को दूसरी अनुसूची में निर्दिष्ट कुछ खुफिया और सुरक्षा संगठनों तक सीमित रखा है।
अवधारणा
यह प्रश्न सूचना का अधिकार अधिनियम में पारदर्शिता और सुरक्षा-अपवाद के संतुलन को जांचता है। RAS में ऐसी धाराएं बार-बार पूछी जाती हैं क्योंकि शासन, जवाबदेही और नागरिक अधिकारों में अपवादों की सीमा समझना जरूरी है।
