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RAS प्रश्न

SEBI ने 'बेसिक सर्विस डीमैट अकाउंट' (BSDA) की अवधारणा किसलिए शुरू की?

सही उत्तर: (D) छोटे निवेशकों को शून्य या कम लागत वाली डीमैट सेवाएं उपलब्ध कराना।

SEBI ने BSDA की अवधारणा छोटे निवेशकों को 0 या कम लागत वाली डीमैट सेवा देने और डीमैट खाते की रखरखाव लागत घटाने के लिए शुरू की।

  1. (A)

    एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग की सुविधा देना

  2. (B)

    पेनी स्टॉक्स के लिए अलग बाजार बनाना

  3. (C)

    FII को भारतीय बाजारों में कारोबार करने की अनुमति देना

  4. (D)

    छोटे निवेशकों को शून्य या कम लागत वाली डीमैट सेवाएं उपलब्ध कराना

व्याख्या

BSDA छोटे व्यक्तिगत निवेशकों के लिए डीमैट खाता रखना आसान और सस्ता बनाने की सुविधा है। SEBI के अनुसार, छोटे निवेशकों की ओर से डीमैट खातों की लागत को लेकर सुझाव और चिंताएं आई थीं। इसी कारण हितधारकों से परामर्श के बाद BSDA तय किया गया, ताकि वित्तीय समावेशन बढ़े, डीमैट खाते रखने को प्रोत्साहन मिले और खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों के लिए प्रतिभूतियों को डीमैट खाते में रखने की लागत कम हो। इस व्यवस्था में छोटे निवेशकों को 0 या कम वार्षिक रखरखाव शुल्क वाली सेवा मिलती है। 2023 में सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख की गई और ₹4 लाख तक की प्रतिभूतियों पर कोई वार्षिक रखरखाव शुल्क नहीं लगता।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग स्वचालित खरीद-बिक्री से जुड़ी है, जबकि BSDA का उद्देश्य छोटे निवेशकों के डीमैट खाते की लागत घटाना है।
  • (B) पेनी स्टॉक्स के लिए अलग बाजार बनाना BSDA से संबंधित नहीं है, क्योंकि BSDA डीमैट खाते की कम लागत वाली सुविधा है।
  • (C) FII को भारतीय बाजारों में व्यापार की अनुमति BSDA का विषय नहीं है; FII पहुंच FPI मार्ग से जुड़ी है, BSDA से नहीं।

अवधारणा

पूंजी बाजार में निवेशक संरक्षण और वित्तीय समावेशन महत्वपूर्ण अवधारणाएं हैं। RAS में SEBI जैसे नियामकों के कदम इसलिए बार-बार पूछे जाते हैं क्योंकि वे छोटे निवेशक, बाजार पहुंच और लागत-नियमन से सीधे जुड़े होते हैं।

स्रोत

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