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Aspirant Academy

RAS प्रश्न

राजस्व घाटा है:

सही उत्तर: (B) राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियां।

राजस्व घाटा वह स्थिति है जिसमें सरकार का राजस्व व्यय उसकी राजस्व प्राप्तियों से अधिक होता है।

  1. (A)

    कुल व्यय - कुल प्राप्तियां

  2. (B)

    राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियां

  3. (C)

    पूंजीगत व्यय - पूंजीगत प्राप्तियां

  4. (D)

    राजकोषीय घाटा - ब्याज भुगतान

व्याख्या

राजस्व घाटे का सूत्र है—राजस्व व्यय - राजस्व प्राप्तियाँ। इसका अर्थ है कि सरकार को नियमित राजस्व स्रोतों से होने वाली प्राप्तियाँ उसके राजस्व व्यय को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। भारत सरकार के बजट के संक्षिप्त विवरण में भी राजस्व घाटे को राजस्व प्राप्तियों से अधिक राजस्व व्यय के रूप में परिभाषित किया गया है। इसलिए विकल्प B इसका सटीक उत्तर है। यह सभी प्राप्तियों और सभी प्रकार के व्यय का अंतर नहीं, बल्कि केवल राजस्व खाते का अंतर है। राजस्व प्राप्तियाँ पर्याप्त न होने पर सरकार को नियमित या उपभोग संबंधी व्यय के लिए उधार लेना पड़ता है। लगातार बना रहने वाला राजस्व घाटा चेतावनी का संकेत है, क्योंकि ऐसा उधार परिसंपत्ति निर्माण या पूंजीगत प्रयोजनों तक सीमित रहने के बजाय चालू व्यय में लगाया जाता है।

बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं

  • (A) कुल व्यय और कुल प्राप्तियों का अंतर राजस्व घाटे के बजाय राजकोषीय घाटे के अधिक निकट है, क्योंकि राजस्व घाटे में केवल राजस्व मदों की तुलना की जाती है।
  • (C) पूंजीगत व्यय और पूंजीगत प्राप्तियों का अंतर पूंजीगत खाते से संबंधित है, जबकि राजस्व घाटा राजस्व व्यय और राजस्व प्राप्तियों के बीच मापा जाता है।
  • (D) राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान घटाने पर प्राथमिक घाटा मिलता है, राजस्व घाटा नहीं।

अवधारणा

यह प्रश्न RAS पाठ्यक्रम के भारतीय अर्थव्यवस्था खंड में लोक वित्त की बुनियादी शब्दावली की समझ जाँचता है। यह विषय बार-बार पूछा जाता है, क्योंकि राजस्व, राजकोषीय और प्राथमिक घाटे के संकेतक केंद्रीय और राज्य बजटों को समझने के मानक साधन हैं।

स्रोत

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