RAS प्रश्न
भारतीय संविधान के तहत अवशिष्ट विधायी शक्तियां किसके पास हैं?
सही उत्तर: (A) संसद।
भारतीय संविधान में अवशिष्ट विधायी शक्तियां संसद के पास हैं।
व्याख्या
अनुच्छेद 248 के तहत संसद को ऐसे किसी भी विषय पर कानून बनाने की विशेष शक्ति है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में नहीं दिया गया है। इसी शक्ति में ऐसे कर पर कानून बनाने की शक्ति भी शामिल है जो इन दोनों सूचियों में नहीं बताया गया है। अनुच्छेद 248 को संघ सूची की प्रविष्टि 97 के साथ पढ़ने पर बात और साफ होती है: तीनों सूचियों में शामिल न किए गए विषयों पर कानून बनाने का विशेष अधिकार संसद को मिलता है। इसलिए यहां उत्तर संसद है, न कि राज्य विधानमंडल या कोई साझा व्यवस्था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) राज्य विधानमंडल राज्य सूची के विषयों पर कानून बना सकते हैं, लेकिन अवशिष्ट विधायी शक्ति अनुच्छेद 248 के तहत संसद को दी गई है।
- (C) यह शक्ति संसद और राज्य विधानमंडल दोनों में साझा नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 248 संसद को ऐसे विषयों पर विशेष शक्ति देता है जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में नहीं हैं।
- (D) भारत के राष्ट्रपति अवशिष्ट विधायी शक्ति के धारक नहीं हैं; संवैधानिक व्यवस्था में यह शक्ति संसद को सौंपी गई है।
अवधारणा
केंद्र-राज्य विधायी संबंधों में तीन सूचियों के बाहर बचे विषयों की संवैधानिक स्थिति महत्वपूर्ण है। RAS में यह इसलिए बार-बार आता है क्योंकि संघीय ढांचे में संसद और राज्य विधानमंडलों की सीमा समझना शासन-व्यवस्था का मूल भाग है।
