RAS प्रश्न
भारतीय संविधान के तहत अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ किसके पास हैं?
सही उत्तर: (D) संसद।
भारतीय संविधान में अवशिष्ट विधायी शक्तियाँ संसद के पास हैं।
व्याख्या
अनुच्छेद 248 इस प्रश्न का सीधा आधार है। उसके अनुसार संसद को ऐसे किसी भी विषय पर कानून बनाने की अनन्य शक्ति है, जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में दर्ज नहीं है। यही विषय अवशिष्ट माने जाते हैं, इसलिए सही उत्तर संसद है। स्रोत में यह भी स्पष्ट है कि ऐसी शक्ति में उन करों पर कानून बनाना भी शामिल है जो इन सूचियों में नहीं बताए गए हैं। इसलिए इसे अमेरिकी संविधान से अलग समझना ज़रूरी है, जहाँ अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों के पास मानी जाती हैं। प्रश्न में जाल यही है: समवर्ती सूची और राज्य सूची से बाहर का विषय राज्य के पास नहीं जाता, संसद के पास जाता है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 248 अवशिष्ट विषयों पर कानून बनाने की शक्ति संसद को अनन्य रूप से देता है; यह संसद और राज्य विधानमंडल की साझा शक्ति नहीं है।
- (B) B गलत है, क्योंकि समवर्ती क्षेत्राधिकार केवल समवर्ती सूची के विषयों पर लागू होता है, जबकि अवशिष्ट विषय वही हैं जो समवर्ती सूची या राज्य सूची में नहीं हैं।
- (C) C गलत है, क्योंकि भारतीय संविधान में अवशिष्ट शक्तियाँ राज्यों के पास नहीं रखी गई हैं; इस मामले में व्यवस्था अमेरिकी संविधान से अलग है।
अवधारणा
यह प्रश्न केंद्र-राज्य विधायी शक्तियों के वितरण और अवशिष्ट शक्तियों की अवधारणा को जांचता है। RAS में यह इसलिए बार-बार उपयोगी है, क्योंकि अनुच्छेद 248 को राज्य सूची और समवर्ती सूची से अलग पहचानना पड़ता है।
