RAS प्रश्न
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने दिसंबर 2025 से अपनी जामनगर SEZ रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का आयात बंद कर दिया। यह निर्णय मुख्य रूप से किसके कारण लिया गया?
सही उत्तर: (B) तीसरे देशों के ज़रिए रूसी तेल से बने ईंधन पर आगामी EU प्रतिबंध और अमेरिकी प्रतिबंध।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर SEZ रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने का निर्णय मुख्य रूप से 21 जनवरी 2026 से लागू होने वाली EU उत्पाद-आयात पाबंदी और रोसनेफ्ट व लुकोइल पर US प्रतिबंधों के अनुपालन से जुड़ा था।
व्याख्या
रिलायंस का निर्णय केवल आयात बंद होने की तारीख से नहीं, प्रतिबंध-अनुपालन से जुड़ा था। रिलायंस ने कहा कि दिसंबर 1 से रिफाइनरी से होने वाले सभी उत्पाद निर्यात गैर-रूसी कच्चे तेल से प्राप्त होंगे, ताकि 21 जनवरी से लागू होने वाली उत्पाद-आयात पाबंदियों का पूरा पालन हो सके। US प्रतिबंध रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों, रोसनेफ्ट और लुकोइल, को निशाना बना रहे थे। इसलिए निर्णय का केंद्र अनुपालन था: ऐसे ईंधन के निर्यात और लेन-देन से बचना, जो रूसी तेल से जुड़कर प्रतिबंधों के दायरे में आ सकता था। भारत ने रूसी ऊर्जा आयात पर अपना अलग प्रतिबंध नहीं लगाया था।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) रूसी कच्चे तेल की गुणवत्ता में गिरावट कारण नहीं थी; कारण प्रतिबंधों और उनके अनुपालन से जुड़ा था।
- (C) भारत ने रूसी ऊर्जा आयात पर अपना कोई प्रतिबंध नहीं लगाया, इसलिए यह निर्णय भारत के प्रतिबंध के कारण नहीं था।
- (D) रूसी कच्चे तेल के भंडार समाप्त होने जैसी बात नहीं है; निर्णय रोसनेफ्ट, लुकोइल और उत्पाद-आयात पाबंदियों के अनुपालन से जुड़ा था।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में ऊर्जा आयात, रिफाइनरी निर्यात और भू-आर्थिक प्रतिबंधों का असर सीधे दिखता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध भारत के व्यापार और ऊर्जा-नीति फैसलों को प्रभावित करते हैं, इसलिए RAS में ऐसे मुद्दे बार-बार आते हैं।
