RAS प्रश्न
रविदास (रैदास), चर्मकार (चमार) समुदाय के भक्ति संत, कहाँ से थे?
सही उत्तर: (A) वाराणसी।
रविदास, जिन्हें रैदास भी कहा जाता है, चर्मकार समुदाय के भक्ति संत थे और उनका जन्म वाराणसी में हुआ था।
व्याख्या
रविदास, जिन्हें रैदास भी कहा जाता है, 15वीं-16वीं शताब्दी के भक्ति संत थे। उनका जन्म वाराणसी में चर्मकार समुदाय में हुआ था। संत गुरु रविदास की 647वीं जयंती पर जारी प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति में बताया गया है कि प्रधानमंत्री ने वाराणसी में एक कार्यक्रम को संबोधित किया और काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के पास सीर गोवर्धनपुर स्थित संत गुरु रविदास जन्मस्थली मंदिर गए। इसलिए वाराणसी केवल बाद में उनकी स्मृति से जुड़ा स्थान नहीं, बल्कि उनका जन्मस्थान है। रविदास भक्ति आंदोलन से जुड़े थे, रामानंद के शिष्य थे और भक्ति तथा समानता का संदेश देते थे। उन्होंने सामाजिक बँटवारे को चुनौती दी और अस्पृश्यता, वर्गभेद तथा भेदभाव का विरोध किया। उनके पद गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं और परंपरा में मीराबाई को उनकी शिष्या माना जाता है। इसलिए वाराणसी ऐतिहासिक रूप से सही उत्तर है; अन्य शहर उनके जन्म से जुड़े नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (B) मथुरा कृष्ण-भक्ति परंपरा का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वह रविदास का जन्मस्थान नहीं है; उनकी जन्मस्थली वाराणसी में मानी जाती है।
- (C) इलाहाबाद का संबंध रविदास के जन्म से नहीं है; उनका जन्मस्थान वाराणसी में माना जाता है।
- (D) आगरा को रविदास का जन्मस्थान नहीं माना जाता; उनकी जन्मस्थली वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर से जुड़ी है।
अवधारणा
यह प्रश्न संत और स्थान के संबंध के ज़रिए भक्ति आंदोलन की समझ परखता है। RAS के इतिहास खंड में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि इनमें भक्ति परंपरा, समाज-सुधार और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराएँ आपस में जुड़ती हैं। रविदास के संदर्भ में उनका जन्मस्थान, रामानंद परंपरा, समानता और जाति-आधारित भेदभाव का विरोध मुख्य विषय हैं।
