RAS प्रश्न
रविदास (रैदास), चर्मकार (चमार) समुदाय के भक्ति संत, कहाँ से थे?
सही उत्तर: (A) वाराणसी।
रविदास, जिन्हें रैदास भी कहा जाता है, चर्मकार समुदाय के भक्ति संत थे और उनका जन्म वाराणसी में हुआ था।
व्याख्या
रविदास का जन्म वाराणसी में चमार समुदाय में माना जाता है और पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार संत गुरु रविदास जन्मस्थली वाराणसी में, BHU के पास सीर गोवर्धनपुर से जुड़ी है। पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार रविदास भक्ति आंदोलन के संत थे; उन्होंने बँटे हुए समाज को नई ऊर्जा दी, सामाजिक विभाजन को पाटने की बात की और अस्पृश्यता, वर्गभेद तथा भेदभाव के विरुद्ध स्वर उठाया। वे रामानंद के शिष्य थे, समानता और भक्ति का उपदेश देते थे, उनके पद गुरु ग्रंथ साहिब में शामिल हैं और परंपरा में मीराबाई को उनकी शिष्या माना जाता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) मथुरा कृष्ण-भक्ति परंपरा से जुड़ा प्रमुख केंद्र हो सकता है, पर पत्र सूचना कार्यालय के अनुसार रविदास की जन्मस्थली वाराणसी है।
- (C) इलाहाबाद को रविदास के जन्मस्थान के रूप में पत्र सूचना कार्यालय से नहीं जोड़ा गया है।
- (D) आगरा गलत है, क्योंकि रविदास की जन्मस्थली वाराणसी/सीर गोवर्धनपुर मानी जाती है।
अवधारणा
मध्यकालीन भारत के भक्ति आंदोलन में संत परंपरा, सामाजिक समता और जाति-आधारित भेदभाव का विरोध महत्वपूर्ण विषय हैं। RAS में संतों के जन्मस्थान, गुरु-शिष्य संबंध और सामाजिक संदेश बार-बार पूछे जाते हैं, क्योंकि ये इतिहास और समाज-सुधार दोनों से सीधे जुड़ते हैं।
