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RAS प्रश्न

राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर वकील रवीना सिंह ने किस ऐतिहासिक SC फैसले के आधार पर HC में रिट याचिका दायर की?

सही उत्तर: (A) NALSA बनाम भारत संघ (2014)।

रवीना सिंह की ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़ी रिट याचिका NALSA बनाम भारत संघ (2014) के ढांचे पर आधारित थी।

  1. (A)

    NALSA बनाम भारत संघ (2014)

  2. (B)

    नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018)

  3. (C)

    K.S. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017)

  4. (D)

    विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997)

व्याख्या

सही आधार NALSA बनाम भारत संघ (2014) है। रवीना सिंह की याचिका इसी फैसले के अनुरूप है, क्योंकि इसने तीसरे लिंग के अधिकारों को मान्यता दी; इसमें ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 का संदर्भ भी है। रवीना सिंह राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर वकील के रूप में पंजीकृत हुईं और राजस्थान उच्च न्यायालय में ट्रांसजेंडर अधिकारों से जुड़ी रिट याचिका दाखिल कर रही थीं। लैंगिक पहचान व्यक्ति की निजी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और ट्रांसजेंडर व्यक्ति अपने स्व-पहचाने गए लिंग को व्यक्त कर सकते हैं। इसलिए विकल्प A ही सही है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018) यहां मुख्य आधार नहीं है, क्योंकि रवीना सिंह की याचिका को NALSA ढांचे से जोड़ा गया है।
  • (C) K.S. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) निजता की व्यापक पृष्ठभूमि से जुड़ा फैसला है, लेकिन तीसरे लिंग अधिकारों की मान्यता वाला NALSA ढांचा मुख्य आधार है।
  • (D) विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997) रवीना सिंह की ट्रांसजेंडर अधिकार याचिका के आधार के रूप में नहीं आता।

अवधारणा

मौलिक अधिकारों, लैंगिक पहचान और रिट उपचारों में सुप्रीम कोर्ट की नजीरों का प्रयोग RAS के लिए महत्वपूर्ण है। राजस्थान की समसामयिक घटनाओं को संवैधानिक फैसलों से जोड़ना RAS तैयारी का नियमित हिस्सा है।

स्रोत

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