RAS प्रश्न
रणथम्भौर के राव सुरजन हाड़ा ने अकबर के सामने किस वर्ष समर्पण किया?
सही उत्तर: (D) 1569।
राव सुरजन हाड़ा ने 1569 में रणथम्भौर का किला अकबर को सौंपकर उसकी अधीनता स्वीकार की।
व्याख्या
राव सुरजन हाड़ा के रणथम्भौर समर्पण और अकबर की अधीनता स्वीकार करने का वर्ष 1569 है। एन्साइक्लोपीडिया ऑफ इंडिया में बूंदी और कोटा से संबंधित प्रविष्टि के अनुसार, बूंदी के शासक राव सुरजन ने उसी वर्ष रणथम्भौर का किला मुगल सम्राट अकबर को सौंपा। यह समर्पण बातचीत के बाद हुआ, जिसके बाद अकबर ने उन्हें वाराणसी में जागीर दी। इसलिए 1569 को किसी सामान्य मुगलकालीन तारीख की तरह नहीं, बल्कि रणथम्भौर, राव सुरजन और अकबर की अधीनता स्वीकार करने की इसी घटना से जोड़कर याद रखना चाहिए। यह घटना राजपूत राज्यों को मुगल सत्ता के अधीन लाने की अकबर की व्यापक नीति का हिस्सा थी। RAS के लिए इसे बाद की राजपूत-मुगल लड़ाइयों, विशेषकर 1576 के हल्दीघाटी युद्ध, से अलग समझना चाहिए। इसलिए विकल्प D सही है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) 1556 अकबर के शासन का आरंभिक वर्ष है, राव सुरजन हाड़ा द्वारा रणथम्भौर किला समर्पित करने का वर्ष नहीं।
- (B) 1585 राव सुरजन के शासन का अंतिम वर्ष है, जबकि रणथम्भौर किले का समर्पण 1569 में हुआ था।
- (C) 1576 हल्दीघाटी के युद्ध से जुड़ा है, जबकि अकबर को रणथम्भौर का समर्पण 1569 में हुआ था।
अवधारणा
यह प्रश्न अकबर के समय राजस्थान के राजपूत-मुगल संबंधों का कालक्रम परखता है, खासकर किलों के समर्पण और राजनीतिक समझौतों को। RAS के लिए रणथम्भौर के 1569 के समर्पण और 1576 के हल्दीघाटी युद्ध को अलग-अलग याद रखें, ताकि अकबर के शासनकाल की एक जैसी लगने वाली घटनाओं में भ्रम न हो।
