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RAS प्रश्न

मारवाड़ के राव चंद्रसेन को 'मारवाड़ का प्रताप' कहा जाता है क्योंकि उन्होंने:

सही उत्तर: (B) कभी मुगल सत्ता के सामने नहीं झुके और निर्वासन में रहे।

राव चंद्रसेन को 'मारवाड़ का प्रताप' इसलिए कहा जाता है क्योंकि उन्होंने अकबर की मुगल सत्ता के सामने समर्पण नहीं किया और निर्वासन में रहते हुए प्रतिरोध जारी रखा।

  1. (A)

    अकबर को युद्ध में हराया

  2. (B)

    कभी मुगल सत्ता के सामने नहीं झुके और निर्वासन में रहे

  3. (C)

    कई दुर्गों का निर्माण किया

  4. (D)

    मारवाड़ का क्षेत्र विस्तारित किया

व्याख्या

राव चंद्रसेन (शा. 1562-1581) मारवाड़ के राठौड़ शासक थे। उन्हें 'मारवाड़ का प्रताप' इसलिए कहा जाता है कि उन्होंने अकबर के सामने झुकने से मना किया, जबकि उनके भाई उदय सिंह और राम सिंह मुगल आधिपत्य स्वीकार कर चुके थे। चंद्रसेन ने मुगल सत्ता को स्वीकार नहीं किया और जीवन का बड़ा भाग भाद्राजून, सिवाणा और सोजत की पहाड़ियों जैसे क्षेत्रों में रहकर संघर्ष में बिताया। इसलिए यह उपाधि किसी बड़ी विजय, दुर्ग-निर्माण या क्षेत्र-विस्तार के कारण नहीं, बल्कि कठिन हालात में स्वाधीनता और अस्वीकार के उनके रुख के कारण जुड़ी है। अंततः उनकी मृत्यु सिवाणा में निर्वासन में हुई।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) अकबर को युद्ध में हराना सही कारण नहीं है; चंद्रसेन की पहचान अकबर के सामने न झुकने और प्रतिरोध जारी रखने से जुड़ी है।
  • (C) चंद्रसेन कई दुर्ग बनाने के लिए नहीं जाने जाते; वे निर्वासन में रहकर मारवाड़ की पहाड़ियों और मरुस्थल से मुगलों से लड़ते रहे।
  • (D) मारवाड़ का क्षेत्र बढ़ाना सही कारण नहीं है; उन्होंने क्षेत्र खोया, बढ़ाया नहीं।

अवधारणा

राजस्थान के मध्यकालीन राजपूत शासकों और मुगल सत्ता के साथ उनके संबंध RAS के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे प्रसंग व्यक्ति, प्रतिरोध और क्षेत्रीय इतिहास को एक साथ जोड़ते हैं।

स्रोत

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