RAS प्रश्न
राणा कुम्भा के दरबार में इनमें से कौन से विद्वान थे?
सही उत्तर: (D) कवि अत्री और मंडन।
राणा कुम्भा के दरबार में कवि अत्री और वास्तुकार मंडन जैसे विद्वान थे।
व्याख्या
राणा कुम्भा के दरबार को विद्वानों और कला-पुरुषों के कारण विशेष माना जाता है। कवि अत्री ने कुम्भलगढ़ प्रशस्ति शुरू की और उनके पुत्र महेश भी इसी विद्वत् परंपरा से जुड़े थे। वास्तुकार मंडन ने वास्तुकला पर 'राज वल्लभ' और 'प्रसाद मंडन' लिखे। Sarthaks eConnect भी राणा कुम्भा के दरबार में मंडन को प्रसिद्ध शिल्पी तथा अत्री और महेश को कवि के रूप में रखता है। इसलिए विकल्प D सही है, क्योंकि यह सीधे राणा कुम्भा के दरबार से जुड़े नामों को देता है, जबकि बाकी विकल्प दूसरे काल या दूसरे दरबारों से जुड़े हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) तुलसीदास और सूरदास को इस प्रश्न के आधार में राणा कुम्भा के दरबार का विद्वान नहीं बताया गया है; वे अलग दरबारों से जुड़े माने गए हैं।
- (B) अबुल फज़ल राणा कुम्भा के दरबार का नहीं, अकबर के दरबार का व्यक्ति था, इसलिए यह विकल्प काल और दरबार दोनों स्तर पर असंगत है।
- (C) चंद बरदाई पृथ्वीराज के दरबार और 12वीं शताब्दी से जुड़े थे, जबकि प्रश्न राणा कुम्भा के दरबार के विद्वानों पर है।
अवधारणा
यह प्रश्न मध्यकालीन राजस्थान में मेवाड़ के सांस्कृतिक संरक्षण और दरबारी विद्वानों की पहचान को जांचता है। RAS में राणा कुम्भा से जुड़े स्थापत्य, साहित्य और संगीत के प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि वे इतिहास, कला और संस्कृति को एक साथ जोड़ते हैं।
