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RAS प्रश्न

रामानुज का दर्शन किस नाम से जाना जाता है?

सही उत्तर: (B) विशिष्टाद्वैत या विशेषणयुक्त अद्वैतवाद।

रामानुज का दर्शन विशिष्टाद्वैत कहलाता है, जिसमें ब्रह्म वास्तविक है और आत्मा तथा पदार्थ भी ब्रह्म से जुड़े हुए वास्तविक तत्त्व माने जाते हैं।

  1. (A)

    द्वैत

  2. (B)

    विशिष्टाद्वैत या विशेषणयुक्त अद्वैतवाद

  3. (C)

    अद्वैत

  4. (D)

    शुद्धाद्वैत

व्याख्या

रामानुज (1017-1137 ई.) ने विशिष्टाद्वैत का प्रतिपादन किया। इसका अर्थ सामान्य अद्वैत नहीं है, बल्कि ऐसा अद्वैत है जिसमें ईश्वर, आत्मा और पदार्थ की वास्तविकता को स्वीकार किया जाता है। Britannica के अनुसार रामानुज के विचार में पदार्थ, आत्मा और ईश्वर तीनों वास्तविक हैं; अद्वैत अंततः ईश्वर के स्तर पर है, क्योंकि आत्मा और पदार्थ ईश्वर से अलग स्वतंत्र सत्ता नहीं रखते। आत्माएँ और पदार्थ वास्तविक हैं, पर उनका अस्तित्व ब्रह्म पर आश्रित है; इसी अर्थ में उन्हें ब्रह्म के शरीर की तरह समझा जाता है। इसलिए मोक्ष का मार्ग विष्णु के प्रति भक्ति से जुड़ता है, केवल निराकार ब्रह्म-ज्ञान से नहीं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) द्वैत रामानुज का मत नहीं है, क्योंकि रामानुज आत्मा, पदार्थ और ईश्वर को वास्तविक मानते हुए भी उन्हें ब्रह्म से आश्रित संबंध में रखते हैं।
  • (C) अद्वैत शंकर से जुड़ा निरपेक्ष अद्वैत है, जबकि Britannica रामानुज के मत को विशिष्टाद्वैत यानी विशेषताओं वाला अद्वैत बताता है।
  • (D) शुद्धाद्वैत विकल्प सही नहीं है, क्योंकि प्रश्न में पूछे गए रामानुज के दर्शन का नाम विशिष्टाद्वैत है।

अवधारणा

यह प्रश्न भक्ति आंदोलन और वेदांत दर्शन के प्रमुख आचार्यों की पहचान पर आधारित है। RAS में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि मध्यकालीन धार्मिक धाराओं में दार्शनिक मत, आचार्य और उपासना-पद्धति को जोड़कर पूछा जाता है।

स्रोत

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