RAS प्रश्न
रामानुज की दार्शनिक टीका 'श्री भाष्य' किस पर आधारित है?
सही उत्तर: (B) बादरायण के ब्रह्मसूत्र।
रामानुज का दार्शनिक ग्रंथ श्री भाष्य बादरायण के ब्रह्मसूत्रों पर आधारित टीका है।
व्याख्या
श्री भाष्य कोई अलग धर्मशास्त्रीय संहिता नहीं, बल्कि वेदांत परंपरा के मूल सूत्र-ग्रंथ ब्रह्मसूत्रों पर रामानुज की टीका है। रामानुज के प्रमुख भाष्यों में श्री भाष्य आता है और उनका दार्शनिक मत विशिष्टाद्वैत कहलाता है। इसी मत में व्यक्तिगत आत्माएँ और पदार्थ असत्य या केवल भ्रम नहीं माने जाते; वे वास्तविक हैं, पर उनका अस्तित्व और कार्य ब्रह्म पर निर्भर है। इसलिए श्री भाष्य मनुस्मृति, योगसूत्र या अर्थशास्त्र जैसे स्वतंत्र विषय-ग्रंथों पर नहीं, बल्कि बादरायण के ब्रह्मसूत्रों पर आधारित है।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) मनुस्मृति धर्म और सामाजिक आचार से जुड़ा ग्रंथ है; श्री भाष्य रामानुज की ब्रह्मसूत्र-टीका है, मनुस्मृति-टीका नहीं।
- (C) पतंजलि के योगसूत्र योग-दर्शन से जुड़े हैं, जबकि रामानुज का श्री भाष्य वेदांत परंपरा के ब्रह्मसूत्रों पर आधारित है।
- (D) कौटिल्य का अर्थशास्त्र राज्य-व्यवस्था और नीति से जुड़ा ग्रंथ है; श्री भाष्य का संदर्भ ब्रह्म, आत्मा और पदार्थ से जुड़े वेदांत दर्शन में आता है।
अवधारणा
मध्यकालीन भक्ति और वेदांत दर्शन में रामानुज के विशिष्टाद्वैत मत की मूल ग्रंथ-परंपरा महत्त्वपूर्ण है। RAS में व्यक्तित्व, ग्रंथ और दार्शनिक संप्रदाय को सही जोड़ी में पहचानना जरूरी होता है।
