RAS प्रश्न
रज्जब किस संत के शिष्य थे:
सही उत्तर: (C) दादू दयाल।
रज्जब दादू दयाल के शिष्य थे और दादू पंथ परंपरा में उनका प्रमुख स्थान माना जाता है।
व्याख्या
रज्जब की पहचान का सबसे पक्का सूत्र दादू दयाल से उनका गुरु-शिष्य संबंध है। दादू पंथ परंपरा में वे दादू दयाल के प्रमुख शिष्य और अहम व्यक्तित्व माने जाते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार दादू अनुभव वाणी का संकलन दादू के शिष्य रज्जब ने किया। इसी वाणी में दादू के 5,000 पद दर्ज हैं, जिनका विषय भक्ति, स्मरण और वैराग्य है। रज्जब को रैदास, कबीर या रामानंद से जोड़ना दादू पंथ की मूल परंपरा से अलग संबंध बनाता है; सही संबंध दादू दयाल और दादू पंथ से है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) रज्जब दादू दयाल के शिष्य माने जाते हैं, रैदास के नहीं।
- (B) कबीर संत वाणी परंपरा में अलग महत्त्व रखते हैं, पर रज्जब के गुरु के रूप में दादू दयाल स्थापित हैं।
- (D) रामानंद के साथ रज्जब का गुरु-शिष्य संबंध नहीं मिलता; रज्जब सीधे दादू दयाल के शिष्य माने जाते हैं।
अवधारणा
राजस्थान की भक्ति-संत परंपरा, खासकर दादू पंथ, में गुरु-शिष्य संबंधों की पहचान जरूरी है। RAS में ऐसे तथ्य बार-बार आते हैं क्योंकि संत, पंथ और ग्रंथ-संकलन राजस्थान की कला-संस्कृति के स्थायी परीक्षा-बिंदु हैं।
