RAS प्रश्न
प्रगतिशील कराधान का अर्थ है:
सही उत्तर: (C) उच्च आय वर्ग कर का अधिक प्रतिशत चुकाते हैं।
प्रगतिशील कराधान में उच्च आय वर्ग अपनी आय का कम आय वर्ग की तुलना में अधिक प्रतिशत कर के रूप में चुकाता है।
व्याख्या
प्रगतिशील कराधान का मूल आधार यह है कि कर भुगतान की क्षमता आय के साथ बढ़ती मानी जाती है। इसलिए इस व्यवस्था में कम आय वर्ग से आय का छोटा प्रतिशत और उच्च आय वर्ग से आय का बड़ा प्रतिशत कर के रूप में लिया जाता है। कर स्लैब 0%, 5%, 10%, 15%, 20%, 25% और 30% तक जाते हैं, इसलिए आय बढ़ने पर कर की दर भी बढ़ती है। उच्च आय वर्ग का कर के रूप में अधिक प्रतिशत भुगतान करना ही प्रगतिशील कराधान की सही पहचान है। ऐसी व्यवस्था बराबरी को बढ़ावा देने और आय असमानता घटाने के विचार से जुड़ी है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) सभी से एक ही प्रतिशत लेना प्रगतिशील कराधान नहीं, समानुपाती कराधान है क्योंकि उसमें आय बढ़ने पर कर-दर नहीं बढ़ती।
- (B) निम्न आय वर्ग से अधिक कर लेना उल्टी दिशा का तर्क है; यह प्रतिगामी कराधान की विशेषता है, प्रगतिशील कराधान की नहीं।
- (D) कोई कर न देना कराधान की व्यवस्था ही नहीं है, जबकि प्रगतिशील कराधान में आय बढ़ने के साथ कर-दर बढ़ती है।
अवधारणा
भारतीय अर्थव्यवस्था में कर-प्रणाली और राजकोषीय नीति की मूल अवधारणा में प्रगतिशील कराधान शामिल है। RAS में यह बार-बार इसलिए आता है क्योंकि कर-स्लैब, समानता और आय-असमानता जैसे विषय बजट और लोक-वित्त से सीधे जुड़े हैं।
