RAS प्रश्न
पृथ्वीराज तृतीय (पृथ्वीराज चौहान), जो तराइन के द्वितीय युद्ध (1192) में पराजित हुए, किस राजपूत वंश से संबंधित थे?
सही उत्तर: (A) चाहमान (चौहान)।
तराइन के द्वितीय युद्ध (1192) में पराजित पृथ्वीराज तृतीय, जिन्हें पृथ्वीराज चौहान कहा जाता है, अजमेर के चाहमान (चौहान) राजपूत वंश से संबंधित थे।
व्याख्या
पृथ्वीराज तृतीय की वंशीय पहचान का सीधा संकेत उनके प्रचलित नाम पृथ्वीराज चौहान से मिलता है। प्रश्न में जिस शासक की बात है, वही पृथ्वीराज तृतीय हैं जो तराइन के द्वितीय युद्ध (1192) में पराजित हुए। वे अजमेर के चाहमान (चौहान) वंश से संबंधित थे। Utsav.gov.in भी उन्हें चौहान (चाहमान) शासक-वर्ग का राजपूत योद्धा राजा बताता है और 1192 में तराइन/तराओरी के दूसरे युद्ध में उनकी पराजय का उल्लेख करता है। इसलिए सही वंशीय पहचान चाहमान (चौहान) है; बाकी विकल्प इस प्रश्न वाले पृथ्वीराज तृतीय की पहचान से मेल नहीं खाते।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) गुहिलोत (सिसोदिया) इसलिए सही नहीं है, क्योंकि पृथ्वीराज तृतीय चाहमान (चौहान) वंश से जुड़े थे।
- (C) राठौड़ विकल्प इस प्रश्न के आधार से मेल नहीं खाता, क्योंकि पृथ्वीराज तृतीय की बताई गई वंशीय पहचान चाहमान (चौहान) है।
- (D) कछवाहा उत्तर नहीं हो सकता, क्योंकि पृथ्वीराज तृतीय चौहान (चाहमान) शासक-वर्ग के थे, कछवाहा नहीं।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान के मध्यकालीन राजवंशों और तराइन के युद्धों से जुड़ी मूल पहचान को परखता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं, क्योंकि राजवंश, प्रमुख शासक और निर्णायक युद्ध राजस्थान इतिहास की बुनियादी कड़ी हैं।
