RAS प्रश्न
पीपा एक संत-राजा थे:
सही उत्तर: (C) गागरोन (झालावाड़)।
संत पीपा गागरोन, झालावाड़ के राजा थे, जिन्होंने सिंहासन छोड़कर भक्ति मार्ग अपनाया।
व्याख्या
संत पीपा की पहचान केवल संत-परंपरा तक सीमित नहीं थी; उनकी राजकीय पहचान भी महत्त्वपूर्ण थी। वे गागरोन, झालावाड़ के राजा थे और भक्ति मार्ग अपनाने के लिए सिंहासन छोड़ दिया था। राजस्थान पर्यटन के झालावाड़ पेज पर गागरोन दुर्ग से जुड़े संत पीपा के मठ का उल्लेख है और संत पीपा को संत कबीर के समकालीन तथा संत रामानंद का शिष्य बताया गया है। संत पीपाजी पैनोरमा में राजर्षि पीपाजी को गागरोन के राजा से संत बने व्यक्तित्व के रूप में रखा गया है। इसलिए विकल्प C, गागरोन (झालावाड़), सही है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मारवाड़ इसलिए सही नहीं है, क्योंकि पीपा की राजकीय पहचान गागरोन, झालावाड़ से जुड़ी है।
- (B) मेवाड़ विकल्प इसलिए गलत है, क्योंकि राजस्थान पर्यटन पीपाजी को मेवाड़ का राजा नहीं, गागरोन के राजा से संत बने राजर्षि के रूप में बताता है।
- (D) जयपुर विकल्प इसलिए नहीं बैठता, क्योंकि संत-राजा पीपा का संबंध गागरोन, झालावाड़ से है।
अवधारणा
राजस्थान के भक्तिकालीन संतों की क्षेत्रीय पहचान आरएएस के लिए महत्त्वपूर्ण है। संत-परंपरा, स्थानीय दुर्गों और राजस्थानी सांस्कृतिक भूगोल को साथ समझने से ऐसे तथ्य सही बैठते हैं।
