RAS प्रश्न
फड़ चित्रकला स्क्रॉल पारंपरिक रूप से शाहपुरा (भीलवाड़ा) के किस परिवार या समुदाय के कलाकारों द्वारा बनाई जाती है?
सही उत्तर: (B) जोशी परिवार (छीपा समुदाय)।
फड़ चित्रकला के स्क्रॉल परंपरागत रूप से शाहपुरा (भीलवाड़ा) के जोशी परिवार, यानी छीपा समुदाय के कलाकारों से जुड़े हैं।
व्याख्या
यहां पहचान कलाकार-समुदाय की करनी है, फड़ पढ़ने या सुनाने वाली परंपरा की नहीं। शाहपुरा (भीलवाड़ा) का जोशी परिवार फड़ चित्रकला का पीढ़ीगत संरक्षक माना जाता है; श्री लाल जोशी और प्रकाश जोशी इसके मान्यता-प्राप्त कलाकारों में आते हैं। फड़ चित्रकला की उत्पत्ति शाहपुरा से जोड़ी जाती है और ऐतिहासिक रूप से इसे छीपा जाति के सदस्य बनाते थे। जोशी परिवार और छीपा समुदाय ही इस चित्रांकन-परंपरा से जुड़े हैं। भोपा पुजारी स्क्रॉल से कथा सुनाते हैं; वे यहां निर्माता-समुदाय नहीं हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मांगणियार परिवार फड़ स्क्रॉल बनाने वाला पारंपरिक कलाकार-परिवार नहीं माना जाता।
- (C) सोनी परिवार का संबंध फड़ चित्रकला की शाहपुरा-आधारित कलाकार-परंपरा से नहीं बनता; यह परंपरा जोशी परिवार और छीपा समुदाय से जुड़ी है।
- (D) भाट परिवार सही नहीं है; कथा-वाचन भोपा पुजारियों से जुड़ा है, जबकि स्क्रॉल बनाने की परंपरा जोशी परिवार से जुड़ी है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की लोक चित्रकला में कलाकार-समुदाय और प्रदर्शन-परंपरा के फर्क को जांचता है। RAS में फड़, पाबूजी/देवनारायण और भोपा-वाचन जैसे बिंदु बार-बार आते हैं क्योंकि वे कला, धर्म और लोक-संस्कृति को साथ जोड़ते हैं।
