RAS प्रश्न
राजस्थानी कला में 'पट' का तात्पर्य है:
सही उत्तर: (B) कथा चित्रकारी के लिए कपड़े का पट।
राजस्थानी कला में पट का अर्थ कथा-चित्रकारी के लिए कपड़े पर बनी लंबी चित्र-पट्टी है।
व्याख्या
राजस्थानी कला में पट या पाट किसी बर्तन, पगड़ी या हथियार का नाम नहीं है, बल्कि कपड़े पर बनी लंबी चित्र-पट्टी है। यह फड़ कथा-चित्रकला से जुड़ा रूप है, जिसे भोपा कलाकार कथा कहने में उपयोग करते हैं। राजस्थानी पट या फड़ कपड़े या कागज पर बना ऐसा लंबा चित्र होता है जो कथा को क्रम से खोलता है और भोपा परंपरा से जुड़ा है। इसलिए निर्णायक संकेत कला-संदर्भ है: पट वस्तु नहीं, बल्कि कथा को चित्रों में क्रमबद्ध दिखाने वाला चित्रित कपड़ा है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) पकाने का बर्तन घरेलू वस्तु है, जबकि राजस्थानी कला में पट कपड़े पर बनी कथा-चित्र पट्टी है।
- (C) पगड़ी सिर पर पहनी जाने वाली पोशाक है; यहां पट चित्रकला में कथा दिखाने वाले कपड़े के लिए प्रयुक्त होता है।
- (D) तलवार हथियार है, जबकि कला-संदर्भ में पट फड़ कथा-चित्रकला से जुड़ा चित्रित कपड़ा है।
अवधारणा
राजस्थान की लोक चित्रकला, खासकर फड़ और भोपा परंपरा की मूल शब्दावली RAS के लिए महत्त्वपूर्ण है। ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि कला-रूप और उनसे जुड़े स्थानीय शब्द सीधे तथ्यात्मक पहचान मांगते हैं।
