RAS प्रश्न
पाणिनि का अष्टाध्यायी किस पर एक ग्रंथ है:
सही उत्तर: (B) संस्कृत व्याकरण।
पाणिनि की अष्टाध्यायी संस्कृत व्याकरण का ग्रंथ है।
व्याख्या
पाणिनि को भारतीय परंपरा में व्याकरणाचार्य माना जाता है। वे भाषा और व्याकरण के विशेषज्ञ थे, और अष्टाध्यायी व्याकरण पर उनकी महान कृति मानी जाती है। इसलिए सही पहचान संस्कृत व्याकरण है, न कि गणित, चिकित्सा या खगोल विज्ञान। अष्टाध्यायी का अर्थ आठ अध्याय है; इसमें लगभग 4,000 सूत्र यानी नियम माने जाते हैं। चौथी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास रचित यह ग्रंथ प्राचीन भारत की बौद्धिक उपलब्धियों में गिना जाता है, क्योंकि इसमें भाषा के नियमों को सूत्रबद्ध ढंग से रखा गया।
बाक़ी विकल्प गलत क्यों हैं
- (A) गणित पाणिनि की अष्टाध्यायी का विषय नहीं है, क्योंकि पाणिनि की पहचान व्याकरणाचार्य के रूप में है और अष्टाध्यायी भाषा-व्याकरण से जुड़ी कृति है।
- (C) चिकित्सा से जुड़े प्राचीन ग्रंथ सुश्रुत और चरक की परंपरा में रखे जाते हैं, जबकि पाणिनि का काम संस्कृत व्याकरण पर है।
- (D) खगोल विज्ञान आर्यभट जैसे विद्वानों से संबंधित क्षेत्र है; अष्टाध्यायी में पाणिनि ने भाषा के व्याकरणिक नियमों को सूत्रों में रखा।
अवधारणा
प्राचीन भारत की बौद्धिक और शैक्षिक परंपरा में भाषा-व्याकरण का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। RAS में प्रमुख ग्रंथों और उनसे जुड़े विद्वानों की सही जोड़ी बार-बार पूछी जाती है, क्योंकि यह बुनियादी इतिहास-तथ्य है।
