RAS प्रश्न
पाबूजी की फड़ पाबूजी राठौड़ की कहानी बताती है, जिन्हें किसके रक्षक के रूप में पूजा जाता है?
सही उत्तर: (D) मवेशी (विशेषकर ऊँट) और गरीब तथा दबे-कुचले।
पाबूजी राठौड़ को पशुओं, विशेषकर ऊँटों, और गरीब-दबे-कुचले लोगों के रक्षक के रूप में पूजा जाता है।
व्याख्या
पाबूजी की फड़ का केंद्र पाबूजी राठौड़ हैं; फ़र्स्ट इंडिया जयपुर इसे मौखिक कथा और चित्रात्मक परंपरा के रूप में पाबूजी की जीवित लोक-गाथा बताता है, जहाँ पाबूजी को पशुओं के दिव्य रक्षक और अपने लोगों के संरक्षक के रूप में देखा जाता है। इसलिए सही उत्तर मवेशी, खासकर ऊँट, और गरीब-दबे-कुचले लोग है। पाबूजी 14वीं शताब्दी में फलोदी के निकट कोलू गाँव से जुड़े हैं और रेबारी ऊँट-पालक समुदाय में विशेष रूप से पूजे जाते हैं। उनकी फड़ में उनकी लड़ाइयाँ, ऊँटनी केसर कालमी और बलिदान का प्रसंग आता है; नायक भोपा समुदाय इस फड़ का वाचन करता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) किले और महल राजस्थान की स्थापत्य परंपरा से जुड़े विषय हैं, जबकि पाबूजी की पूजा लोक-रक्षक के रूप में पशुओं और वंचित लोगों से जुड़ी है।
- (B) सोने की खदानों से पाबूजी की कथा या फड़ का कोई संबंध नहीं मिलता।
- (C) नदी नौवहन इस प्रसंग का केंद्र नहीं है; प्रश्न पाबूजी की लोक-पूजा और फड़ में उनके रक्षक-रूप को पूछता है, जो पशुओं से जुड़ा है।
अवधारणा
यह प्रश्न राजस्थान की लोकदेवता परंपरा और फड़ चित्र-वाचन को परखता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि कला-रूप, समुदाय और लोकदेवता की भूमिका को साथ समझना पड़ता है।
