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RAS प्रश्न

RBI के ऑपरेशन ट्विस्ट में क्या शामिल है?

सही उत्तर: (A) दीर्घकालिक सरकारी प्रतिभूतियों की एक साथ खरीद और अल्पकालिक सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री।

RBI के ऑपरेशन ट्विस्ट में लंबी अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद और छोटी अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री साथ-साथ की जाती है।

  1. (A)

    दीर्घकालिक सरकारी प्रतिभूतियों की एक साथ खरीद और अल्पकालिक सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री

  2. (B)

    केवल सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद

  3. (C)

    रेपो और रिवर्स रेपो को एक साथ बदलना

  4. (D)

    मुद्रा स्वैप संचालन

व्याख्या

ऑपरेशन ट्विस्ट खुला बाजार संचालन से जुड़ा उपाय है। RBI बुलेटिन के लेख के अनुसार इसमें लंबी अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियां, जैसे 5 वर्ष या 10 वर्ष की प्रतिभूतियां, खरीदी जाती हैं और 1 वर्ष या 3 वर्ष जैसी कम अवधि वाली सरकारी प्रतिभूतियां बेची जाती हैं। इसी कारण इसका लक्ष्य सिर्फ सरकारी प्रतिभूतियां खरीदना नहीं होता, बल्कि अवधि के हिसाब से बाजार में दबाव बदलना होता है। इससे शुद्ध तरलता बदले बिना लंबी अवधि की ब्याज दरों को नीचे लाने और प्रतिफल वक्र को समतल करने में मदद मिलती है। इसलिए सही बात यह है कि खरीद और बिक्री दोनों एक साथ होती हैं।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) केवल सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद ऑपरेशन ट्विस्ट नहीं है, क्योंकि इसमें लंबी अवधि की खरीद के साथ छोटी अवधि की बिक्री भी शामिल रहती है।
  • (C) रेपो और रिवर्स रेपो में बदलाव नीति दरों से जुड़ा कदम है, जबकि ऑपरेशन ट्विस्ट सरकारी प्रतिभूतियों के खुले बाजार संचालन से जुड़ा है।
  • (D) मुद्रा स्वैप संचालन अलग प्रकार का विदेशी मुद्रा या विनिमय-संबंधी उपाय है; यहां बात सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद-बिक्री की है।

अवधारणा

यह प्रश्न मौद्रिक नीति के साधनों, खासकर खुले बाजार संचालन और प्रतिफल वक्र, की समझ जांचता है। RAS में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि RBI के उपायों का असर ब्याज दरों, तरलता और सरकारी प्रतिभूति बाजार पर सीधे पूछा जाता है।

स्रोत

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