RAS प्रश्न
रागमाला, रसिक प्रिया और गीत गोविंद जैसे विषयों पर लघु चित्रकला मेवाड़ में किसके शासनकाल में अपने चरमोत्कर्ष पर पहुंची?
सही उत्तर: (A) महाराणा जगत सिंह (1628-1652)।
रागमाला, रसिक प्रिया और गीत गोविंद जैसे विषयों पर मेवाड़ की लघु चित्रकला महाराणा जगत सिंह प्रथम (1628-1652) के शासनकाल में अपने चरम पर पहुँची।
व्याख्या
मेवाड़ चित्रकला में “चरमोत्कर्ष” मुख्य संकेत है। 1605 की चावंड रागमाला के बाद मेवाड़ चित्रकला शैली महाराणा जगत सिंह प्रथम (1628-1652) के शासन में अपने विकास के चरम पर पहुँची। इसी दौर में भागवत, रामायण, रसिकप्रिया, गीता गोविंद, सूरसागर और राग-रागिनियों जैसे विषयों को चित्रों में प्रमुखता मिली। जगत सिंह प्रथम के संरक्षण में उस्ताद साहिबदीन ने प्रसिद्ध रागमाला श्रृंखला और रसिकप्रिया चित्रण बनाए, इसलिए सही उत्तर महाराणा जगत सिंह प्रथम है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (B) महाराणा अमर सिंह प्रथम के काल से 1605 की चावंड रागमाला जुड़ती है, लेकिन मेवाड़ शैली का चरम बाद में महाराणा जगत सिंह प्रथम के शासन में आया।
- (C) महाराणा कर्ण सिंह के समय परंपरा जारी रही, पर चरमोत्कर्ष महाराणा जगत सिंह प्रथम के काल से जुड़ता है।
- (D) महाराणा प्रताप का शासन मुगलों के विरुद्ध युद्धों से चिह्नित था; रागमाला, रसिकप्रिया और गीत गोविंद जैसी सचित्र पांडुलिपियों का स्वर्ण दौर उनके बाद जगत सिंह प्रथम के संरक्षण में माना गया है।
अवधारणा
राजस्थान की मेवाड़ लघु चित्रकला में संरक्षक शासक और चित्र-विषयों का संबंध महत्वपूर्ण है। RAS में कला-संस्कृति में शैली, काल, शासक और प्रमुख विषयों को जोड़कर पूछा जाता है।
