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RAS प्रश्न

राजस्थान में मेवा-नगर किसके लिए प्रसिद्ध है?

सही उत्तर: (A) पार्श्वनाथ का जैन मंदिर।

राजस्थान का मेवा-नगर नाकोड़ा तीर्थ में स्थित पार्श्वनाथ के जैन मंदिर के लिए प्रसिद्ध है।

  1. (A)

    पार्श्वनाथ का जैन मंदिर

  2. (B)

    कठपुतली उत्पादों का निर्यात

  3. (C)

    जीरे का उत्पादन

  4. (D)

    सूखे मेवों का निर्यात

व्याख्या

मेवा-नगर की प्रसिद्धि पार्श्वनाथ के जैन मंदिर, यानी नाकोड़ा तीर्थ, से जुड़ी है। इस स्थल का नाम श्री जैन श्वेतांबर नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ है और इसका पता मेवा नगर, जिला बाड़मेर, राजस्थान है। यह बाड़मेर जिले में बालोतरा के निकट स्थित महत्वपूर्ण जैन तीर्थ है। इसलिए मेवा-नगर की सही पहचान किसी व्यापार या कृषि उत्पादन से नहीं, बल्कि पार्श्वनाथ मंदिर से बनती है। यही मंदिर राजस्थान की जैन स्थापत्य और मूर्तिकला परंपरा से जुड़े तीर्थ के रूप में समझा जाता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) कठपुतली कला राजस्थान से सामान्य रूप से जुड़ सकती है, लेकिन मेवा-नगर की पहचान नाकोड़ा पार्श्वनाथ जैन मंदिर से है, कठपुतली उत्पादों के निर्यात से नहीं।
  • (C) जीरे का उत्पादन मेवा-नगर की प्राथमिक प्रसिद्धि नहीं है; मेवा-नगर पार्श्वनाथ जैन तीर्थ के रूप में जाना जाता है।
  • (D) नाम में “मेवा” आने से सूखे मेवों का अनुमान लग सकता है, लेकिन मेवा नगर की पहचान नाकोड़ा पार्श्वनाथ तीर्थ से जुड़ी है, सूखे मेवों के निर्यात से नहीं।

अवधारणा

राजस्थान के धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों में नाकोड़ा पार्श्वनाथ जैसे तीर्थ स्थान-विशेष की प्रसिद्धि तय करते हैं। RAS के कला-संस्कृति खंड में तीर्थ, मंदिर और स्थानीय पहचान सीधे पूछी जाती है।

स्रोत

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