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RAS प्रश्न

निम्नलिखित राजस्थानी वाद्य यंत्रों को उनके सही वर्गीकरण से मिलाएँ: I. रावणहत्था — (a) सुषिर वाद्य II. अलगोज़ा — (b) घनवाद्य III. मोरचंग — (c) तंतुवाद्य IV. चंग — (d) अवनद्ध वाद्य सही मिलान चुनें:

सही उत्तर: (B) I-c, II-a, III-b, IV-d।

रावणहत्था तंतुवाद्य, अलगोज़ा सुषिर वाद्य, मोरचंग घनवाद्य और चंग अवनद्ध वाद्य है, इसलिए सही मिलान I-c, II-a, III-b, IV-d है।

  1. (A)

    I-d, II-a, III-b, IV-c

  2. (B)

    I-c, II-a, III-b, IV-d

  3. (C)

    I-c, II-b, III-a, IV-d

  4. (D)

    I-a, II-c, III-d, IV-b

व्याख्या

वाद्य की बनावट और ध्वनि पैदा करने के तरीके से उनका वर्गीकरण तय होता है। रावणहत्था गज से बजाया जाने वाला तंतुवाद्य है; म्यूजियम्स ऑफ इंडिया के अनुसार रावणहत्था तंतुवाद्य है और इसमें तार तथा गज होते हैं। अलगोज़ा दो बाँसुरियों की जोड़ी है, इसलिए वह सुषिर वाद्य है। मोरचंग मुख में रखकर बजाया जाने वाला घनवाद्य है; उसके धातु भाग को झटका देकर बजाया जाता है और मुख गुंजक की तरह काम करता है। चंग लकड़ी के गोल या अष्टकोणीय ढाँचे पर बँधी खाल वाला अवनद्ध वाद्य है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) A में रावणहत्था को अवनद्ध और चंग को तंतुवाद्य मान लिया गया है, जबकि रावणहत्था तारों और गज वाला तंतुवाद्य है और चंग खाल-मढ़ा अवनद्ध वाद्य है।
  • (C) C में अलगोज़ा को घनवाद्य और मोरचंग को सुषिर वाद्य रखा गया है, जबकि अलगोज़ा बाँसुरियों की जोड़ी होने से सुषिर वाद्य है और मोरचंग इस वर्गीकरण में घनवाद्य है।
  • (D) D में चारों मिलान उलट जाते हैं: रावणहत्था सुषिर नहीं, अलगोज़ा तंतुवाद्य नहीं, मोरचंग अवनद्ध नहीं और चंग घनवाद्य नहीं है।

अवधारणा

राजस्थान की लोक-संगीत परंपरा में वाद्यों का शास्त्रीय वर्गीकरण महत्वपूर्ण है। RAS में कला-संस्कृति से जुड़े प्रश्नों में वाद्य का नाम ही नहीं, उसकी बनावट और बजाने की विधि भी पूछी जाती है।

स्रोत

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