RAS प्रश्न
MAS हवाई किराया सहायता किस टर्नओवर तक के निर्यातकों को मिलती है?
सही उत्तर: (C) ₹75 लाख।
एमएएस के तहत पिछले वर्ष ₹75 लाख तक निर्यात टर्नओवर वाले छोटे निर्यातकों को आंशिक हवाई किराया सहायता मिलती है।
व्याख्या
प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति के अनुसार एमएएस को निर्यात संवर्धन मिशन के तहत शुरू किया गया है और इसका उद्देश्य भारतीय निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मजबूत करना है। इसी व्यवस्था में कार्यक्रमों के लिए वित्तीय सहायता की सीमा और लागत-बंटवारे को तर्कसंगत किया गया है। छोटे निर्यातकों को शामिल करने के लिए स्पष्ट पात्रता दी गई है: पिछले वर्ष जिनका निर्यात टर्नओवर ₹75 लाख तक रहा हो, उन्हें आंशिक हवाई किराया सहायता दी जाएगी। इसलिए प्रश्न में पूछा गया टर्नओवर-सीमा ₹75 लाख है; यह सहायता नए और छोटे निर्यातकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए रखी गई है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) ₹25 लाख आधिकारिक सीमा से कम है, क्योंकि स्रोत छोटे निर्यातकों के लिए पात्रता ₹75 लाख तक बताता है।
- (B) ₹50 लाख भी सही सीमा नहीं है; प्रेस सूचना ब्यूरो की विज्ञप्ति में आंशिक हवाई किराया सहायता के लिए ₹75 लाख तक निर्यात टर्नओवर लिखा है।
- (D) ₹1 करोड़ स्रोत में दी गई सीमा से अधिक है, इसलिए इसे एमएएस हवाई किराया सहायता की पात्रता-सीमा नहीं माना जा सकता।
अवधारणा
यह प्रश्न निर्यात संवर्धन और सरकारी सहायता-योजनाओं में पात्रता-सीमा पढ़ने की क्षमता जांचता है। आरएएस में ऐसी योजनाएं बार-बार आती हैं क्योंकि अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म नीति-उपाय और उनकी लक्षित लाभार्थी-श्रेणी सीधे पूछी जाती है।
