RAS प्रश्न
मारवाड़ (जोधपुर) चित्रकला शैली की विशेषता है:
सही उत्तर: (D) मोटी रेखाएँ, चमकीले रंग, मरुस्थलीय परिदृश्य।
मारवाड़ या जोधपुर चित्रकला शैली की पहचान मोटी रेखाओं, चटख रंगों और मरुस्थलीय परिदृश्य के चित्रण से होती है।
व्याख्या
मारवाड़ शैली को केवल मुगल प्रभाव से समझना अधूरा है। जोधपुर मारवाड़ की राजधानी था और राठौड़ शासकों के अधीन यहाँ एक अलग, स्थानीय चित्रकला शैली विकसित हुई। 17वीं-18वीं सदी में मुगल दरबार से प्रशिक्षित कलाकारों की चित्रांकन और रचना-समझ जोधपुर आई, लेकिन वह स्थानीय शैलियों और गहरे रंगों के साथ मिलकर एक जीवंत राजस्थानी शैली बनी। इसलिए मोटी रूपरेखाएँ, चटख प्राथमिक रंग, मरुस्थलीय परिदृश्य और ढोला-मारू जैसे स्थानीय विषय इस शैली की सही पहचान बनते हैं।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) मारवाड़ शैली एकरंगी नहीं है; इसकी चित्रकृतियाँ रंगीन, गहरे रंगों वाली और जीवंत हैं।
- (B) मुगल प्रभाव मौजूद था, पर वह स्थानीय मारवाड़ी शैलियों और गहरे रंगों के साथ मिलकर अलग जोधपुर शैली बना, इसलिए ‘केवल मुगल प्रभाव’ सही नहीं है।
- (C) कोमल रंग और स्त्री सौंदर्य मारवाड़ शैली की मुख्य पहचान नहीं हैं; मोटी रूपरेखाएँ, चटख रंग और मरुस्थलीय परिदृश्य निर्णायक संकेत हैं।
अवधारणा
राजस्थानी चित्रकला शैलियों की क्षेत्रीय पहचान और उनकी दृश्य विशेषताएँ RAS के लिए महत्वपूर्ण हैं। कला-संस्कृति में एक जैसी दिखने वाली शैलियों को उनके रंग, रेखा, विषय और क्षेत्र से अलग करना पड़ता है।
