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RAS प्रश्न

मांडणा राजस्थान की एक पारंपरिक कला है। इसमें क्या शामिल है?

सही उत्तर: (C) ज्यामितीय पैटर्न का उपयोग करके फर्श और दीवारों पर चित्रकारी।

मांडणा राजस्थान की पारंपरिक कला है, जिसमें ज्यामितीय पैटर्न के साथ फर्श और दीवारों पर चित्र बनाए जाते हैं।

  1. (A)

    चमड़े की कठपुतली बनाना

  2. (B)

    लकड़ी की नक्काशी

  3. (C)

    ज्यामितीय पैटर्न का उपयोग करके फर्श और दीवारों पर चित्रकारी

  4. (D)

    धातु ढलाई

व्याख्या

मांडणा की पहचान वस्तु बनाने के शिल्प के रूप में नहीं, बल्कि फर्श और दीवारों पर की जाने वाली चित्रकला के रूप में होती है। राजस्थान में इसे मुख्य रूप से महिलाएं बनाती हैं, खासकर त्योहारों और शुभ अवसरों पर। इसमें चूने और गेरू से ज्यामितीय तथा पुष्प पैटर्न बनाए जाते हैं; मोर, स्वस्तिक, कमल और चौक जैसे रूपांकन भी सामान्य हैं। राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2026-27 भी मांडणा को रस्मों के दौरान की जाने वाली पारंपरिक दीवार और फर्श कला बताती है। इसलिए विकल्प C सही है, क्योंकि वह कला के स्थान और पैटर्न, दोनों को ठीक पकड़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) चमड़े की कठपुतली बनाना एक अलग कला-शिल्प है, जबकि मांडणा में फर्श और दीवारों पर चूने और गेरू से चित्र बनाए जाते हैं।
  • (B) लकड़ी की नक्काशी में लकड़ी पर आकृति उकेरी जाती है, जबकि मांडणा घर की सतहों पर बनने वाली चित्रकला है।
  • (D) धातु ढलाई में धातु से वस्तु ढाली जाती है; मांडणा में ढलाई नहीं, बल्कि फर्श और दीवारों पर सजावटी चित्रांकन होता है।

अवधारणा

राजस्थान की लोक चित्रकला और पारंपरिक गृह-सज्जा से जुड़ी कला-शैलियों में कला का नाम, माध्यम और उपयोग-स्थल अलग-अलग शिल्पों से अलग पहचानना पड़ता है। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में ऐसे बिंदुओं पर बार-बार प्रश्न आते हैं।

स्रोत

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